The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
सिसकती वफ़ा – एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल दास्तान भाग 2 | अध्याय 13: “छिपी हुई व...
हवेली का अंतिम पहर: आधी रात का सन्नाटाशहर की भागदौड़ से दूर, घने जंगलों के बीच ब...
13.1.26 मुज़ारे मुसम्मन अख़रब मकफ़ूफ़ महज़ूफ़ मफ़ऊल फ़ाइलात मुफ़ाईलु फ़ाइलुन 221 212...
अध्याय 3: नियति का उपहास और काली परछाइयांशून्य-प्रस्थ के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर मो...
आर्यन ने अपने सूप से सने हुए कपड़ों को देखा, और फिर नफरत भरी नज़रों से ज़मीन पर पड़े...
अरबपति का प्रेमप्रस्तावनामुंबई की चमकती रातों में, जहाँ शहर कभी नहीं सोता, वहाँ...
वो नंबर सात घंटे से मीरा के हाथ पर था। स्याही थोड़ी सी फैल गई थी — जैसे वो भी सी...
अब ज़ेथ- के आसमान में एक नया तारा चमकता है, जिसे लोग 'मीरा का तारा' कहते...
हम फिर से मिले मगर इस तरह{ऐपीसोड़ -14}अरुण के वहा से जाने के बाद रुपाली उसका इंत...
16: महा एपिसोड - रूह की पुकार अस्पताल की छत पर आसमान अब साफ होने लगा था। बारिश...
"रात 3:12 बजे की दस्तक" — इस सीरीज के हर एपिसोड में आपको मिलेगी एक बिल्कुल नई और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी। एपिसोड 1: रात 3:12 बजे की दस्तक रात का सन्नाटा इतना गह...
वॉयनिच पांडुलिपि – दुनिया की सबसे रहस्यमयी और शापित किताब साल 1912। यूरोप की एक शांत और प्राचीन इमारत… जिसकी मोटी पत्थर की दीवारें सदियों का इतिहास अपने भीतर छुपाए बैठी थीं।...
वाराणसी की गलियों में शाम का धुंधलका गहरा रहा था। गंगा की लहरों पर दीयों की रोशनी कॉंप रही थी, लेकिन शहर के बाहरी इलाके में स्थित 'अनंत विंटेज पैलेस' के अंदर एक अलग ही खेल...
सन्नाटे की गूँज माया की ज़िंदगी एक खाली कमरे की तरह थी—चुपचाप, उदास और अकेली। तीस साल की हो चुकी थी वह, लेकिन शादी का ख्याल उसके मन के किसी कोने में दफन हो चुका था। वह एक छोटे से...
एक एंकर अपनी न्यूज़ रूम में चिल्ला चिल्लाकर लोगों को एक जानकारी दे रही थी।"लोगों को भी सचेत रहना चाहिए, अगर सच्चाई सामने नहीं आती तो किसी बेगुनाह को जिंदगी भर सलाखों के पीछे सड...
मुंबई की चमकती ऊँची इमारतों में से एक — “नव्या ग्लोबल कॉर्प” का हेडक्वार्टर। शीशे की दीवारों से ढका वो टॉवर शहर की ताकत और महत्वाकांक्षा का प्रतीक था। और उसकी सबसे ऊपरी मंज़िल पर...
रात के ठीक 2:13 बजे थे। शहर के पुराने सरकारी अस्पताल का पिछला हिस्सा — जहाँ शायद ही कोई जाता हो — अँधेरे में डूबा हुआ था। वहीं था… मॉर्ग। दीवारों पर जमी सीलन, टिमटिमाती हुई...
'जैकब्स हॉस्टल' के बाहर सन्नाटे को चीरती हुई बर्फीली हवाएं चल रही थीं। छुट्टियों का सीजन था, इसलिए जो हॉस्टल कभी 500 लड़कों के शोर से गूँजता था, आज वहाँ मुर्दा शांति पसरी थी...
मुंबई की उस रात में उमस नहीं, एक दम घोटने वाली खामोशी थी. उपनगर की एक तंग गली के आखिरी छोर पर स्थित उस जर्जर इमारत का कमरा नंबर सत्रह, किसी जिंदा कब्र जैसा लग रहा था. घडी की सुइयां...
" इच्छा... तुम... नहीं नहीं तुम मेरी इच्छा नहीं हो सकती... " जोरो से हॅसते हुए आवाज गूंजती है.... " सही पहचाना में तेरी इच्छा नहीं हूँ मै.. वो हूँ जो तू सोच भी नही...
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser