Chapter 2 — अतीत का बुलावा
आर्यन की धड़कनें उसके कान के पर्दे फाड़ने को बेताब थीं। उसने कांपते हाथों से ज़मीन पर गिरा मोबाइल उठाया। स्क्रीन की रोशनी में उस लड़की का चेहरा साफ़ दिख रहा था—वही गहरी आँखें और वही रहस्यमयी मुस्कान। लेकिन सबसे डरावनी बात यह थी कि यह फोटो 'Recently Deleted' फोल्डर में नहीं, बल्कि '10 साल पुरानी' गैलरी की तारीख में दिख रही थी।
उसने पीछे मुड़कर देखा, वहाँ कोई नहीं था। सिवाय उस घनी धुंध के, जो अब और भी काली पड़ती जा रही थी।
होटल की वापसी और सन्नाटा
आर्यन लगभग दौड़ते हुए अपने होटल 'द मिस्टी पाइन' पहुँचा। रिसेप्शन पर सन्नाटा था। उसने अपनी चाबी उठाई और तेज़ी से कमरे की ओर बढ़ा। कमरे के अंदर जाते ही उसने दरवाज़ा अंदर से लॉक कर लिया और अपनी पीठ दीवार से सटा दी।
उसकी नज़र फिर से मोबाइल पर गई। फोटो में लड़की के पीछे वही होटल दिख रहा था जिसमें वह अभी ठहरा हुआ था, लेकिन फोटो में होटल नया लग रहा था।
"यह मुमकिन नहीं है..." वह बड़बड़ाया। "मैं शिमला पहली बार आया हूँ। फिर यह फोटो मेरे फोन में कैसे आई?"
एक पुराना अखबार और अधूरी खबर
रात के दो बज रहे थे, लेकिन आर्यन की आँखों से नींद गायब थी। कमरे की दराज खोलते समय उसे पुराने अखबार का एक टुकड़ा मिला, जो शायद पिछले किसी गेस्ट ने छोड़ा था। वह 2016 का एक लोकल सप्लीमेंट था।
उसमें एक छोटी सी हेडलाइन थी:
"होटल मिस्टी पाइन के पास से लापता हुई पर्यटक का अब तक सुराग नहीं।"
आर्यन ने गौर से देखा। अखबार की फोटो धुंधली थी, लेकिन हुलिया बिल्कुल उसी लड़की जैसा था—सफेद कपड़े और लंबे बाल। उसका नाम लिखा था— अनन्या।
खामोश आहटें
तभी उसके कमरे के बाल्कनी का दरवाज़ा, जो उसने खुद बंद किया था, धीरे से चरमराते हुए खुला।
चर्रर्र...
ठंडी हवा का एक झोंका कमरे के अंदर आया। आर्यन जम सा गया। उसने देखा कि कमरे के फर्श पर गीले पैरों के निशान बन रहे थे... जैसे कोई अभी-अभी बारिश या धुंध से निकलकर अंदर आया हो।
निशान बाल्कनी से शुरू होकर सीधे उसके बिस्तर की ओर बढ़ रहे थे। आर्यन ने हिम्मत जुटाकर चिल्लाने की कोशिश की, पर गला सूख चुका था। अचानक, कमरे की लाइटें टिमटिमाने लगीं और शीशे पर भाप जमने लगी।
उस धुंधले शीशे पर उंगलियों से किसी ने बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा:
"तुमने वादा किया था।"
रहस्य की गहरायी
आर्यन को अचानक अपने सिर में एक तेज़ दर्द महसूस हुआ। उसकी आँखों के सामने धुंधली यादें तैरने लगीं—एक पहाड़ी रास्ता, तेज़ बारिश, एक चीख और एक हाथ जो उसे पुकार रहा था। क्या वह वाकई यहाँ पहली बार आया था? या उसका दिमाग उससे कुछ छिपा रहा था?
तभी उसके फोन पर एक नोटिफिकेशन आया। एक पुराना वीडियो प्ले होने लगा, जो उसने कभी देखा ही नहीं था। वीडियो में आर्यन खुद दिख रहा था, वह बहुत छोटा लग रहा था, और उसके बगल में वही लड़की—अनन्या—बैठी थी।
वह कह रही थी, "आर्यन, अगर मैं खो गई, तो क्या तुम मुझे ढूंढने आओगे?"
वीडियो के बैकग्राउंड में वही फुसफुसाहट गूंजी— "मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी..."
क्या आप जानना चाहेंगे कि अध्याय 3 में आर्यन को उस वादे का सच पता चलता है या वह इस साये में और भी गहरा फंस जाता है?