भूमिका (Introduction)"दुनिया में कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिन्हें हमारा दिमाग तो नहीं मानता, लेकिन हमारी रूह महसूस कर सकती है। हम अक्सर अंधेरे रास्तों पर चलते हुए पीछे मुड़कर देखते हैं, यह सोचकर कि शायद कोई हमारा पीछा कर रहा है। कभी-कभी वह सिर्फ हमारा वहम होता है... और कभी-कभी वह 'साया' हकीकत।
यह कहानी है आर्यन की, जो अपनी रोज़मर्रा की बोरियत से दूर सुकून की तलाश में पहाड़ों की वादियों में आया था। लेकिन उसे क्या पता था कि शिमला की उन सर्द रातों और धुंधली पहाड़ियों के बीच कोई उसका बरसों से इंतज़ार कर रहा है। एक ऐसी मुलाक़ात, जो मौत की सरहद के उस पार से बुलावा लेकर आई थी।
क्या होता है जब एक वैज्ञानिक सोच रखने वाला इंसान ऐसी सच्चाई के सामने खड़ा हो जाए जिसका कोई तर्क न हो? क्या वह महज़ एक इत्तेफाक़ था या किसी पुरानी अधूरी दास्तां का आगाज़?
तैयार हो जाइए एक ऐसे सफ़र के लिए जहाँ हर मोड़ पर एक सवाल खड़ा है— वो कौन थी?"
Chapter 1 — पहली रात का साया
शिमला की ठंडी हवा उस शाम कुछ ज़्यादा ही भारी लग रही थी। सूरज पहाड़ों के पीछे छिप चुका था और धुंध धीरे-धीरे सड़कों पर उतरने लगी थी। आर्यन ने अपनी जैकेट का कॉलर ऊपर किया और होटल से बाहर निकल आया। दिनभर के सफ़र के बाद वह थोड़ा टहलना चाहता था।
सड़क लगभग खाली थी। दूर-दूर तक सिर्फ पीली स्ट्रीट लाइट्स जल रही थीं, जिनकी रोशनी धुंध में अजीब सा घेरा बना रही थी। आर्यन ने मोबाइल निकाला, लेकिन नेटवर्क गायब था। उसने हल्की सी हँसी के साथ खुद से कहा —
“अच्छा है... कम से कम कुछ देर शांति तो मिलेगी।”
वह धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया। तभी उसे महसूस हुआ जैसे उसके पीछे कोई चल रहा हो।
पहले तो उसने ध्यान नहीं दिया। लेकिन कुछ कदम बाद फिर वही एहसास... जैसे किसी के जूते की आहट उसके कदमों के साथ ताल मिला रही हो।
टप... टप... टप...
आर्यन अचानक रुक गया।
आहट भी रुक गई।
उसने पीछे मुड़कर देखा —
वहाँ कोई नहीं था। सिर्फ धुंध... और खाली सड़क।
“शायद वहम है…” उसने खुद को समझाया और आगे बढ़ने लगा।
लेकिन इस बार ठंडी हवा के साथ एक अजीब सी सिहरन उसकी रीढ़ में दौड़ गई। उसे लगा जैसे कोई बहुत पास खड़ा हो... बस दिखाई नहीं दे रहा।
कुछ दूर जाकर उसने देखा — सड़क के किनारे, धुंध के बीच एक लड़की खड़ी थी।
सफेद कपड़े... खुले बाल... और सिर थोड़ा झुका हुआ।
आर्यन ठिठक गया।
उसने सोचा शायद कोई टूरिस्ट होगी, रास्ता भटक गई होगी। वह धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ा।
“Excuse me… आपको मदद चाहिए?” उसने पूछा।
लड़की ने कोई जवाब नहीं दिया।
बस धीरे-धीरे अपना सिर उठाया।
आर्यन का दिल अचानक तेज़ धड़कने लगा।
उसका चेहरा साफ नहीं दिख रहा था — धुंध जैसे उसके चेहरे पर ही ठहर गई हो।
“आप ठीक हैं?” उसने फिर पूछा।
इस बार लड़की ने हल्की सी मुस्कान दी… लेकिन वह मुस्कान अजीब थी… जैसे किसी दर्द से भरी हुई।
और फिर उसने बहुत धीमी आवाज़ में कहा —
“तुम... आखिर आ ही गए...”
आर्यन चौंक गया।
“क्या मतलब? आप मुझे जानती हैं?”
लड़की ने जवाब नहीं दिया।
अचानक तेज़ हवा चली... धुंध और घनी हो गई... और अगले ही पल—
वहाँ कोई नहीं था।
लड़की गायब हो चुकी थी।
आर्यन की साँस अटक गई। उसने चारों तरफ देखा। सड़क खाली थी। हवा शांत हो चुकी थी।
लेकिन इस बार उसे साफ सुनाई दिया —
उसके पीछे... बिल्कुल पास...
एक फुसफुसाहट —
“मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी…”
आर्यन पलटकर मुड़ा —
और उसके हाथ से मोबाइल जमीन पर गिर गया।
स्क्रीन अपने-आप जल उठी।
और उस पर एक फोटो खुली थी —
उसी लड़की की।
उसने पीछे मुड़कर जो देखा…
वह उसकी कल्पना नहीं थी।
वह सच था… और अब बहुत देर हो चुकी थी।"
[अध्याय 2 जल्द…] 😈