यह कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए लिखी गई है। इसका उद्देश्य केवल हँसी-मजाक और हल्की-फुल्की कहानी सुनाना है।
रतनपुर नाम का एक छोटा सा गाँव था।
गाँव छोटा था लेकिन उसकी गलियाँ हमेशा हँसी से भरी रहती थीं।
उसी गाँव में रहता था एक आदमी जिसका नाम राघव था।
राघव की उम्र करीब पैंतीस साल थी।
शादी अभी तक नहीं हुई थी।
शरीर थोड़ा गोल-मटोल था।
चेहरा इतना प्यारा था कि देखने वाला मुस्कुरा दे।
और इसी वजह से गाँव में उसकी एक अलग पहचान थी।
गाँव के बच्चे उसे राघव अंकल कहते थे।
और गाँव की भाभियाँ उसे देखकर शरारत करने लगती थीं।
राघव बहुत सीधा और शर्मीला इंसान था।
किसी से ऊँची आवाज़ में बात तक नहीं करता था।
सुबह उठता था।
नहाता था।
साफ कुर्ता पहनता था।
और खेतों की तरफ निकल जाता था।
लेकिन उसकी असली परीक्षा रास्ते में होती थी।
क्योंकि रास्ते में मिलती थीं सीमा भाभी, पूनम भाभी और रीना भाभी।
तीनों पूरे गाँव में अपनी मस्ती के लिए मशहूर थीं।
एक दिन सुबह राघव नए कपड़े पहनकर निकल रहा था।
सफेद कुर्ता।
नीली पायजामा।
बालों में तेल।
और चेहरे पर हल्की सी मुस्कान।
जैसे ही वह गली से निकला।
सामने सीमा भाभी खड़ी थीं।
उन्होंने राघव को देखा।
और मुस्कुरा दीं।
अरे वाह राघव जी।
आज तो बड़े हीरो लग रहे हो।
राघव तुरंत शरमा गया।
वह बोला भाभी आप भी मजाक करती रहती हैं।
तभी पीछे से पूनम भाभी आ गईं।
उन्होंने कहा।
सीमा सही कह रही है।
आज तो पूरा गाँव दीवाना हो जाएगा।
तभी रीना भाभी भी वहाँ आ गईं।
उन्होंने हँसते हुए कहा।
राघव जरा धीरे चलना।
कहीं लड़कियाँ बेहोश ना हो जाएँ।
तीनों भाभियाँ जोर से हँसने लगीं।
राघव का चेहरा लाल हो गया।
वह सिर खुजलाने लगा।
और धीरे-धीरे खेत की तरफ निकल गया।
लेकिन उस दिन तीनों भाभियों के दिमाग में एक नया प्लान चल रहा था।
दोपहर में सीमा भाभी के घर तीनों बैठी बातें कर रही थीं।
पूनम बोली।
राघव बहुत सीधा है।
रीना बोली।
इतना सीधा कि छेड़ने में मजा आता है।
सीमा भाभी ने आँख दबाई।
तो फिर आज उसे थोड़ा और परेशान करते हैं।
तीनों हँसने लगीं।
शाम हुई।
हल्की हवा चल रही थी।
गाँव में गायें लौट रही थीं।
उसी समय सीमा भाभी राघव के घर पहुँचीं।
उन्होंने कहा।
राघव जरा मेरे घर आ जाना।
राघव बोला।
क्यों भाभी?
सीमा बोलीं।
एक छोटा सा काम है।
राघव बोला।
ठीक है अभी आता हूँ।
कुछ देर बाद राघव सीमा भाभी के घर पहुँचा।
जैसे ही वह अंदर गया।
दरवाजा धीरे से बंद हो गया।
राघव थोड़ा घबरा गया।
उसने पूछा।
भाभी क्या हुआ?
तभी पीछे से पूनम और रीना भी निकल आईं।
तीनों भाभियाँ मुस्कुरा रही थीं।
राघव की हालत खराब हो गई।
वह बोला।
अरे आप लोग यहाँ?
पूनम बोली।
हाँ आज हम तुम्हारा इंतजार कर रहे थे।
रीना बोली।
डरो मत।
हम तुम्हें खाएँगी नहीं।
सीमा भाभी बोलीं।
पहले बैठो चाय पियो।
राघव कुर्सी पर बैठ गया।
उसने चाय का कप उठाया।
तभी पूनम बोली।
रुको।
राघव चौंक गया।
क्या हुआ?
रीना बोली।
पहले एक सवाल का जवाब दो।
राघव बोला।
कौन सा सवाल?
सीमा भाभी मुस्कुराईं।
हम तीनों में सबसे सुंदर कौन है?
राघव की हालत खराब हो गई।
उसने सिर पकड़ लिया।
वह बोला।
भाभी ये कैसा सवाल है?
तीनों भाभियाँ जोर से हँसने लगीं।
पूनम बोली।
आज जवाब देना ही पड़ेगा।
रीना बोली।
भाग नहीं सकते।
राघव पसीना पोंछने लगा।
वह बोला।
आप तीनों ही अच्छी हैं।
सीमा बोलीं।
नहीं एक का नाम लो।
राघव बोला।
भाभी आप लोग मुझे फँसा रही हैं।
तीनों भाभियाँ हँसने लगीं।
फिर रीना बोली।
चलो रसोई से प्लेट ले आओ।
राघव रसोई में गया।
तीनों भाभियाँ पीछे पीछे पहुँच गईं।
पूनम बोली।
देखो कितना घबरा रहा है।
सीमा बोली।
इसीलिए तो मजा आता है।
राघव बोला।
भाभी आज बहुत परेशान कर रही हैं।
रीना हँसते हुए बोली।
अभी तो शुरुआत है।
थोड़ी देर बाद सीमा भाभी हँसने लगीं।
उन्होंने कहा।
ठीक है सच बता देते हैं।
राघव बोला।
क्या?
पूनम बोली।
आज हमने तुम्हें सिर्फ मजाक के लिए बुलाया था।
रीना बोली।
क्योंकि तुम बहुत क्यूट हो।
राघव ने राहत की साँस ली।
वह बोला।
मैं तो सच में डर गया था।
तीनों भाभियाँ हँसने लगीं।
राघव घर से बाहर निकला।
सूरज ढल रहा था।
हवा ठंडी हो रही थी।
राघव मुस्कुरा रहा था।
क्योंकि उसे समझ आ गया था।
कि ये सब सिर्फ मस्ती थी।
गाँव की प्यारी मस्ती।
प्यार भरी मस्ती।
और उसी दिन से गाँव में एक नई कहानी मशहूर हो गई।
रतनपुर के क्यूट अंकल और शरारती भाभियाँ।