बॉलीवुड की गुमनाम डांसर
भाग 1
नोट - इस लेख में बॉलीवुड फिल्मों में पुरानी डांसर पर चर्चा की गयी है जो आज गुमनाम हैं ….
बॉलीवुड के नृत्य आज दुनिया भर में मशहूर है . बॉलीवुड नृत्य अब ऑस्कर अकादमी अवार्ड से भी सम्मानित हो चुका है . हिंदी बोलती फिल्मों की शुरुआत दादा साहब फाल्के की 1913 की फिल्म ‘ राजा हरिश्चंद्र ‘ से हुई थी . सही मायने में फिल्मों में नृत्य का आगमन 1930 के करीब हुआ जब फिल्मों में गीत , संगीत , प्ले बैक सिंगिंग , साउंडट्रैक और लिप सिंकिंग आदि की सुविधा मिलने लगी . 1940 - 1950 के बीच बॉलीवुड का विकास तीव्र गति से हुआ और फिल्मों में संगीत , गीत और नृत्य को शामिल कर फ़िल्में और भी प्रभावशाली हुईं . शुरू में फिल्मों में लोक गीत संगीत और शास्त्रीय नृत्य का ज्यादा प्रभाव रहा था .
बॉलीवुड नृत्य का सुनहरा काल - हिंदी फिल्मों में नृत्य का सुनहरा काल 1940 के दशक के अंत से 1960 के दशक के अंत तक कहा जा सकता है हालांकि उसके बाद 1970 के दशक में भी कुछ अच्छे भारतीय नृत्य फिल्मों में देखने को मिले थे . बॉलीवुड फिल्मों में वैजयंती माला , हेमा मालिनी , पद्मिनी , रागिनी , वहीदा रहमान , माधुरी दीक्षित , ऐश्वर्या राय , श्रीदेवी जैसी प्रतिष्ठित शास्त्रीय नृत्यांगनाओं का सराहनीय प्रदर्शन रहा है . बॉलीवुड में ज्यादातर शास्त्रीय नृत्य दक्षिण भारत से आया है जिसका आरम्भ मशहूर अभिनेत्री वैजयंती माला से हुआ था . श्रीदेवी दक्षिण से उत्तर या यूँ कहें बॉलीवुड में शास्त्रीय नृत्य वाली अंतिम सफल अभिनेत्री रहीं हैं . ये सभी बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस रहीं हैं और फिल्मों में इनकी पहचान अभिनेत्री के रूप में रही है . उन्होंने अपने अभिनय कला के अतिरिक्त फिल्मों में कत्थक , भरतनाट्यम , ओडिशी जैसे नृत्य में अपनी सुंदर कला और भाव भंगिमाओं का अच्छा प्रदर्शन किया है . उत्तर भारत में कत्थक नृत्य ज्यादा देखा जाता है जबकि दक्षिण में भरतनाट्यम ज्यादा लोकप्रिय है . ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी , माधुरी दीक्षित , श्रीदेवी आदि ने अपने नृत्यों में पारंपरिक भारतीय नृत्य और ग्लैमर का अच्छा संगम प्रस्तुत कर एक अलग ट्रेंड बनाया है . और इन्हें पूरा देश जनता है . इस लेख में कुछ पुराने गुमनाम बॉलीवुड डांसर पर चर्चा है .
दूसरी तरफ कैबरे क्वीन हेलेन ने ज्यादातर डिस्को , जैज , रॉक एंड रोल , कैबरे जैसे पश्चिमी नृत्यों से भारतीय दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया है . हेलेन ने एक नयी परम्परा का आरम्भ किया हालांकि उनके पहले पुरानी एक्ट्रेस और डांसर कक्कू भी इस क्षेत्र में आ चुकी थीं .
धीरे धीरे फिल्मों पर पश्चिमी फिल्मों का असर दिखने लगा और कोरियोग्रफिक सिलसिला ने जन्म लिया . सरोज खान , कमल खान , फराह खान आदि कोरिओग्राफरों ने पारम्परिक भारतीय नृत्य से अलग हिप हॉप , ब्रेक डांस आदि पश्चिमी नृत्य शैली को पर्दे पर दिखाना शुरू किया जिसे दर्शकों ने बेहद पसंद किया . इस डांस में बॉलीवुड के टॉप स्टार्स भी डांस करने लगे , इनमें कुछ डांस अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रसिद्ध हुए .
1960 के दशक तक के भारतीय शैली के डांस अच्छे थे या आजकल के पश्चिमी आधारित डांस , यह कहना कठिन है या हो सकता है कि तर्कसंगत न भी हो . फिल्म हिट होना दर्शकों की पसंद पर निर्भर करता है और पुराने भारतीय शास्त्रीय डांस आज कितने लोगों की समझ में आएगा , यह सभी जानते हैं . आजकल के डांस जिनमें नर्तकी की लम्बी लम्बी नग्न टाँगों या अर्धनग्न शरीर के प्रदर्शन पर ज्यादा फोकस होता है ,आम जनता को ज्यादा आकर्षित करने में ज्यादा सफल देखा गया है .
डांस नंबरों की लोकप्रियता - 1990 के दशक से डांस नंबर फिल्मों में लगभग अभिन्न अंग बन गए जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर लोकप्रिय हुए , जैसे ‘ दिल से ‘ की छइयां छइयां …., , ‘ दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे , कभी ख़ुशी कभी गम , कुछ कुछ होता है , कभी अलविदा न कहना , बंटी और बबली आदि . दूसरी तरफ फिल्मों में आइटम नंबर के नाम पर कुछ गाने बहुत मशहूर हुए जिनमे कुछ फूहड़ और अश्लील कहे जा सकते हैं . दर्शकों को लुभाने के लिए इन्हें जरूरी समझा गया . मेल डांसर में ऋतिक रोशन , शाहिद कपूर , प्रभु देवा आदि ने अपनी बेहतरीन तकनीक , एनर्जी और बहुमुखी समकालीन नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया है .
एक तरफ जहाँ पुराने डांसर ( मेल या फीमेल ) अपनी भारतीय शास्त्रीय नृत्य कला के लिए प्रशंसनीय हैं वहीँ दूसरी तरफ आज की पीढ़ी के डांसर बेहतरीन तकनीक , एनर्जी और आधुनिक नृत्य शैली को अपनाते हुए अपनी अलग छाप छोड़ने में सफल रहे हैं .
बैकग्राउंड डांसर - फ़िल्मी डांस में बैकग्राउंड डांसर की भी अहम भूमिका होती है . बैकग्राउंड डांसर वे हैं जो प्रमुख डांसर के साथ डांस करते या करती हैं . इन्हें बैकअप डांसर , सपोर्टिंग डांसर , कोरस डांसर या कभी एक्स्ट्रा डांसर भी कहते हैं . कुछ ऐसी डांसर भी हैं जो बैकग्राउंड डांसर से शुरुआत करने के बाद बहुत मशहूर हुईं , जिनमें सरोज खान , फरहा खान , डेजी शाह ( लगन लगी - फिल्म तेरे नाम ) , एडविना वॉलेट आदि के नाम आते हैं . एक्ट्रेस काजल अग्रवाल और दिया मिर्ज़ा की शुरुआत भी बैकग्राउंड डांसर के रूप में हुई थी . . शाहिद कपूर , अरशद वारसी , सुशांत सिंह राजपूत आदि कलाकारों ने मेल बैकग्राउंड डांसर के रूप में ही करियर की शुरुआत की थी .
क्रमशः ( अगले अंकों में पहले कुछ हाल की डांसिंग दिवा के साथ अन्य पुरानी गुमनाम डांसर पर चर्चा होगी )