Tera Lal Ishq - 30 in Hindi Crime Stories by Kaju books and stories PDF | तेरा लाल इश्क - 30

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तेरा लाल इश्क - 30

Next Ep,,,,💜 

आशना को ऐसे देख कृषभ समझ गया और बोला "मैं जरुर तुम्हे बेवकूफ लग रहा हु ना,,," 

"बेवकुफो जैसे सवाल करने से बेवकूफ ही लगोगे कोई सलमान खान या शारूक खान नही लगोगे" आशना मुंह बनाए बोली। 

कृषभ मुंह बिचका कर बोला "चलो भी मैं उन जैसा बुड्ढा लगने से अच्छा बेवकूफ ही लगु तो ज्यादा बेहतर है"

उसकी बात सुन आशना की हसी छुट गई लेकिन जल्दी ही उसने छुपा भी लिया। लेकिन हमारे लीडर no 2 भी बड़े तेज नजरों के है पकड़ ही लिए आशना को हस्ते हुए और वो भी मुस्कुरा दिया।

जंगली इलाका 
घनेरी जंगल

पुलिस ने उस कॉटेज को चारो तरफ से घेर रेड अलर्ट लगा दिया था। और वो ट्रक भी ढूंढ निकाली थी जिसमे न जाने क्या क्या भरा हुआ था। पर बहुत जल्द ही पूरी दुनिया के सामने अंदर के नजारे का खुलासा होने वाला था क्युकी तड़कते भड़कते news के लालच में मीडिया वहा डेरा जमाए मौजूद थी।

हर तरफ़ कैमरा ही कैमरा की खींच खींच आवाज आ रही थी।

वही इंस्पेक्टर मूरिश सेखवंत गुस्से में तमतमाए हुए सबपर भड़के जा रहे थे। 

क्युकी एक बार फिर मुरीद और उसके आदमी भागने में कामयाब हो गए थे पर बचने के चक्कर में अपने माल से भरा ट्रक छोड़ गए थे।
जो जल्द ही सबके लिए बहुत खुशी के साथ दिल दहला देने वाली बात साबित होने वाली थी।

लेकिन ट्रक खुले तब न आधे घंटे तक तो पुलिस वाले कोशिश कर लिए उनसे नही हुआ तो दो चार ताले वाले को बुला लिया और अब आधे घंटे से वही कोशिश कर रहे है।

सब बारी बारी से लगे पड़े हैं पर मजाल है की लॉकर को खरोंच तक आए आखिर उनकी हिम्मत भी जवाब दे गई। और वो निराश शक्ल बनाए इंस्पेक्टर के पास 
आकर बोले "सर,, लॉक नही खुला" 

उनकी बात सुन मूरिश भड़कते हुए "व्हाट नॉनसेंस अब तक तुम लोग एक लॉक तक नहीं खोल सके,, आखिर इतने देर से कर क्या रहे हो?" 

पहला ताले वाला बोला "सर ये लॉक बड़ा अजीब है मानो नए टेक्नोलॉजी से बना है जो हमारी समझ से बाहर है" 

इस्पेक्टर हैरान हुए  "व्हाट,,,?" 

तो दुसरे ताले वाले ने कहा "हा सर उपर से हमने सारी कोशिश कर ली पर ये खुल ही नहीं रहा" 

"तो तोड़ दो ना कितना ही टाइम लगता हैं" मुरीश बेपरवाही से बोले जिसे सुन तीनो ताले वाले डर से एक दुसरे का मुंह ताकने लगे।

उनकी इस हरकत पर मूरीश खीजते हुए "अब क्या हो गया? एक दूसरे का मुंह क्यू ताक रहे?" 

पहले ताले वाले ने कहा "सर शायद आपने मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया,,ये लॉक नए टेक्नोलॉजी से बना है" 

मूरिश भौंहे सिकोड़ बोले "हा मैने सुना तो,,,?"

तीनों ताले वाले डरावने तरीके से साथ में बोले "मतलब इसे तोड़ने से खतरा भी हो सकता हैं" 

मूरिश आखें फैलाए "कैसा खतरा?" 

तीनों ताले वाले फिर बोले "कैसा भी जो हम सोच भी नही सकते" 
मूरिश सोचने लग गया की आखिर क्या खतरा हो सकता हैं?

काफी देर तक सोचने के बाद मूरिश को उनकी बाते बेफिजूल लगी जिससे वो उन्हें डपटते हुए बोले "डराना बंद करो और चुप चाप ताला तोड़ो वरना मैं तुम तीनों को जेल में बंद कर तोड़ूंगा" 

वो तीनों डर के मारे लॉक तोड़ने ही जा रहे थे की कोई रोकते हुए बोला "रूको,, वरना सब के सब मारे जाएंगे" 

सबने आवाज की ओर रुख किया तो देखा कोई 48 साल का आदमी आंखो पर चश्मा काला सफेद मूछ दाढ़ी और नॉर्मल शर्ट पैंट पहने उनकी ओर आ रहा था। 
हवलदार ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो मूरिश ने हवलदार को उन्हे छोड़ने का इशारा किया। 

वो आदमी आगे बढ़ते हुए इंस्पेक्टर मूरिश के सामने आ खड़ा हुआ तो मूरिश बारीकी से उसे ऊपर से नीचे तक देखे देखने में वो आदमी साइंटिस्ट लग रहा था। 

मूरिश नर्म स्वभाव से उससे पूछे "आप कौन महोदय?"

तो वो आदमी उल्टा बोला "देखने से क्या लगता हु?" 

मुरिश हस्ते हुए "सवाल के बदले सवाल अच्छा है उम्र में मुझसे बड़े है इसलिए जाने देता हु,, खैर लॉक के बारे में कुछ कह रहे थे आप?" 

तो वो आदमी बोला "इस लॉक को तोड़ना रिस्की है इसे खोलना ही सही रहेगा" 

उसकी बात सुन मूरिश बोले "हमने तो पूरी कोशिश की,,पता नही मेरे कमबख्त भाई ने कौन से कंपनी का लॉकर चिपका रखा है? खुल ही नहीं रहा" 

वो आदमी बोला "आप की परमिशन हो तो एक बार मैं चेक कर सकता हूं" 

"Hmm,,," मूरिश इतना ही बोले।

वो आदमी अपने कंधे पर लटकाए बैग से लैपटॉप निकाला और कुछ टाइप करने के साथ ट्रक पर लगे लॉक को चेक करने में लगा था तो वही सबकी नजर उसपर जोक की तरह चिपकी हुई थी। 

दो मिनट तक टक टक की आवाज आई सबने गौर किया तो पाया की लॉक खुल चुका था। सभी हैरान और खुश थे साथ ही जानने के लिए उत्सुक की आखिर अंदर से निकलेगा क्या ?

"थैंक गॉड लॉक खुल गया,, वैसे आप कौन हैं साइंटिस्ट या हैंकर?" मूरिश भगवान का शुक्रिया अदा करते हुए पुछा।

तो वो आदमी कॉन्फिडेंस से बोला "i am मुंबई का प्रोफेसनल हैंकर" 

मूरिश हेंडशेक के लिए हाथ आगे करते हुए "ओह,, हेलो माय सेल्फ इंस्पेक्टर मूरिश सेखवंत,, यू ?" 

"My नेम इज,, माय नेम इज,, माय नेम इज हे भगवान नाम तो मैं सोच कर ही नहीं आया" वो आदमी मन ही मन घबराया हुआ बोला। तो समझे कौन है ये महान पुरुष,, सूना था न क्या बोले थे ये मुम्बई का प्रोफेशनल हैंकर मतलब अपना इंटेलिजेंट हैंकर कृभिन ही हैं जो बुजुर्ग रूप धारण किए यहां पुलिस की सहायता करने पधारे हैं। 

रूप तो बदल लिया पर नाम बदलना भूल गए जनाब। 

तो वही मूरिश उसे उसे चुप चाप देख अपनी पैनी निगाह से देख रहा था जिससे कृभिन घबराए हुए जो मुंह में आया बक दिया "माय नेम इज करनेश गोखले चतुर्वेदी बोरेवाला" 
कृभिन भी हाथ आगे बढाया और हेंडशेक किया। 

उसका नाम सुन मूरिश को उसपर शक हुआ क्युकी इस नाम का कोई वक्ति मुंबई में है ही नही। लेकिन कुछ सोचकर वो चुप रहे और नॉर्मली बिहेव कर बोले "ooh अच्छा नाम है पर कुछ ज्यादा लंबा नही है" 

कृभिन उन्हे घूरते हुए "आप अपने काम से मतलब रखो ना मेरे नाम के लंबे छोटे पर क्यू जा रहे? फिलहाल आप जल्दी खोलो ट्रक के गेट को वरना ये मीडिया वाले news के चक्कर में गेट ही तोड़ देंगे" 

ये सुन मूरिश का ध्यान ट्रक पर गया वो 
उत्साहित होकर "ह,, अरे हा हा जल्दी खोलो इसे पता तो चले आखिर क्या लोचा है अंदर?" 

दो हवलदार ने जैसे ही ट्रक के गेट को दो हिस्से में किया तो अंदर का नजारा देख सबके तोते उड़ गए,पैरो तले जमीन उड़ गई, आसमान चलने लगी ,और हवा रुक गई सब मूरत की तरह खड़े रह गए। 

सबके मुंह से बस एक शब्द निकली "ओह माई गॉड" 

💜💜💜क्या लोचा है अंदर? आखिर क्या देखे सब ? मुरीद कैसे बच निकला ?
जानने के लिए बने रहे स्टोरी के साथ मिलते हैं अगले हफ्ते इन सवालों के जवाब के साथ।💜💜💜