Whisper in The Dark - 6 in Hindi Thriller by priyanka jha books and stories PDF | Whisper in The Dark - 6

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Whisper in The Dark - 6

अब आगे।।।
वेनिस,इटली।
रिहान इस वक्त अपने घर पर था,,ओर लिविंग रूम में बैठा फोन पर बात कर रहा था।।
हा मम्मी ,में समझ गया रिहान ने कहा,
अच्छा में फोन रखता हु,मुझे कुछ जरूरी काम है,,कहकर रिहान ने फोन कट कर दिया।।।
वहीं रिहान ने कुछ देर फोन के तरफ देखा,ओर तुरंत किसी को कॉल किया,,
वहीं कुछ समय बाद रिहान ने कहा,,तुम्हे कुछ पता चला,
वहीं दूसरी तरफ से किसी ने कहा,,जी सर बस मुझे 2 दिन का वक्त दीजिए,
वहीं उसकी बात सुन रिहान ने कहा,,ठीक है।।
वहीं रिहान ने फोन कट करते हुए कहा,बस 2 दिन बाद पता चल जाएगा कि तुम कौन हो।।।
वहीं दूसरी तरफ 
डार्क हेवेन,मिलान।।
वीरांश  इस वक्त अपने स्टडी रूम में था,,ओर एक फाइल रीड कर रहा था,,वहीं उसके पीछे सर्गेई खड़ा था,
उसने कहा, उस शिप का क्या हुआ,,
वो जल्दी ही आ जाएगी,,शायद आज रात तक,सर्गेई ने कहा।।
ठीक है,अब तुम जा सकते हो,वहीं उसकी बात सुन सर्गेई बिना कुछ कहे रूम से बाहर चला गया।।
वहीं वीरांश ने अपने डेस्क का ड्रा खोला,ओर उसमें से एक सिगार निकाली,वहीं अचानक उसकी नजर वहीं ड्रॉ में रखे एक बैंड पर चली गई,,जिस पर हल्का सा खून लगा था,जो काफी पुराना लग रहा था,,
वहीं उसने वो बैंड अपने हाथ में लिया,वहीं उस ब्रेसलेट को देखते हुए उसके चेहरे पर एक क्रिपी मुस्कान आ गई,,
ओर वो उसे देख कुछ सोचने लगा।।
फ्लैशबैक।।।।
शिमला,,
ए,कहा जा रहा है साले,,उस लड़के ने इस दूसरे लड़के को पीटते हुए कहा,,
पहले हमारे पैसे देता जा,,वरना तुझे पता है कि हम क्या करेंगे,,,हम पुलिस में कंप्लेंट कर देंगे।।।
तुम लोग पुलिस में कंप्लेंट करोगे कैसे ,,उस लड़के ने कहा जिसको वो बाकी के 3 लड़के पीट रहे थे,,
वहीं वो दूसरा लड़का जो शायद उनका हेड था उसने गुस्से में कहा,,साले मुंह चलाता है,,
वहीं वो लड़का जो उनसे पीट रहा था,,उसने चुपके से अपनी पेंट की पॉकेट से एक छोटा सा चाकू निकाला,,वहीं वो दूसरा लड़का जैसे ही उसे मारने को हुआ कि तभी पीछे से एक लड़की चिल्लाई,,
ए, तुम सब ये क्या कर रहे हो,,अगर तुमने उसे नहीं छोड़ा तो में पुलिस में कंप्लेंट कर दूंगी,,ये लड़की ओर कोई नहीं बल्कि नियति थी।।
तू कौन है,,उनमें से एक लड़का चिल्लाया।।
हालांकि नियति को खुद भी डर लग रहा था,,अचानक से पुलिस के सायरन की आवाज आने लगी,,जिसे सुन वो लड़के घबरा गए,ओर वहां से भाग गए।
वहीं वो लड़की तुरंत उस लड़के के पास आई,,उसने कहा तुम ठीक तो हो न,,ये लड़का रिवांश था।।
वहीं रिवांश नियति को एक टक देखता रहा,,
अरे में कुछ पूछ रही हु,,तुम ठीक हो,,
हा में ठीक हु,,रिवांश ने कहा।।अरे तुम्हे सर पर चोट आई है,,चलो खड़े हो,,में तुम्हे हॉस्पिटल ले चलती हु,,
वहीं रिवांश खड़ा हुआ,,वहीं नियति से उसे अपने साथ लेकर चली गई।
हॉस्पिटल में।।
रिवांश वहीं चेयर पर बैठा था,,वहीं नर्स उसकी पट्टी कर रही थी,,और नियति वहीं बैठी थी।।
आज कल के बच्चों को पता नहीं क्या हो गया,,जब देखो मार पिटाई करते रहते है,,
नर्स ने बड़बड़ाते हुए कहा।।
वहीं कुछ समय बाद रिवांश ओर नियति बाहर आए,,
अच्छा में चलती हु,,
सुनो,थैंक्यू रिवांश ने कहा।।
इट्स ओके,, नियति ने कहा।।
वैसे तुम्हारा नाम क्या है,मेरा नाम रिवांश है,
मेरा नाम नियति है।।
तुम भी माउंट ईडन पब्लिक स्कूल में पढ़ती हो न , रिवांश ने कहा।।
हा में 9 स्टैंडर्ड मे हु,,नियति ने जवाब दिया।।।
अच्छा,इसी तरह वो दोनों कई देर तक बात करते रहे।।।
वहीं नियति ने कहा,,अच्छा में चलती हु,,कहकर नियति वहां से चली गई,,वहीं रिवांश उसे जाते देखता रहा जब तक वो आंखों से ओझल न हो गई,,उसके चेहरे पर एक अजीब मुस्कान थी।।
वहीं इसी तरह रोज रिवांश नियति को चुपचाप देखता रहता,,उसके लिए बिस्किट लाता,,ओर कभी कभी देर रात उसके घर पर उसे देखने चला जाता,,
एक दिन उन लड़कों में से लड़का नियति को परेशान करने लगा,,वहीं ये सब देख एक दिन।।
शाम के समय।।।
एक सुनसान जगह पर एक लड़का खड़ा था,ये ओर कोई नहीं बल्कि वहीं था जो नियति को परेशान कर रहा था।।
वहीं कुछ समय बाद वहां रिवांश आया,उसने एक ब्लैक टीशर्ट ओर पेंट पहन रखी थीं,,ओर उसके हाथ में एक सिगरेट भी थी,जिसके वो लंबे लंबे कश ले रहा था।।
वहीं उस लड़के ने रिवांश के तरफ देखते हुए कहा,,तूने मुझे यहां क्यों बुलाया है,,,
वहीं उसकी बात सुन रिवांश ने वो सिगरेट वहीं फेंकी,ओर उससे कहा,,उस लड़की से दूर रह,समझा,
क्या,उस लड़के ने पूछा।।
मैने कहा,,उस लड़की से दूर रह,,वरना तेरे लिए अच्छा नहीं होगा।रिवांश ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा।।
क्यों,,तुझे क्या परेशानी है,,तेरी कुछ लगती है क्या,,उस लड़के ने कहा,,ओर वैसे भी तुझे क्या करना,,ओर क्या करेगा अगर नहीं रहा तो।।
तेरे लिए बेहतर होगा,,उससे दूर रह वरना,,रिवांश ने गुस्से में कहा।।
क्या कर लेगा,,उस लड़के ने रिवांश को पीछे धकेलते हुए कहा,,पर रिवांश में कुछ नहीं कहा।।
वैसे लड़की तो कमाल है,,यार मेरे पास वो अच्छी लगेगी,,
उसने इतना ही कहा था कि रिवांश ने उसके चेहरे पर एक जोरदार मुक्का मारा,,वहीं मुक्का पड़ने से वो लड़का नीचे गिर गया।।
वहीं इसी तरह उन दोनों में हाथापाई शुरू हो गई,,वहीं रिवांश गुस्से में आकर उसके पेट में चाकू मार दिया,,जिससे वो लड़का खून से लथपत हो गया,,ओर वहीं जमीन पर गिर गया,,उससे उठा तक नहीं जा रहा था।। ओर वो रिवांश को डर से देखने लगा।।
उसने कहा,,माफ कर दे मुझे जाने दे।।
वहीं रिवांश उसके पास आकर बोला ,इसकी कोई माफी नहीं है,समझा तूने गलती कर दी उसके बारे में बोलके,,समझा वो सिर्फ मेरी है,समझा कहकर वो चिल्लाया ओर उसने उसी चाकू से उसकी गर्दन काट दी,,
वहीं खून बहने से वो तड़पने लगा,,कुछ समय बाद उसकी सांसे बंद हो गई,
वहीं रिवांश उसे देख कर लग ही नहीं रहा था,की उसे कोई पछतावा है,, बल्कि वो उसकी बॉडी देख कर क्रिपिली मुस्कुरा रहा था,,
प्रेजेंट।।।
यही सब रिवांश सोच रहा था,,तुम्हारे लिए में कुछ भी कर सकता हु नियति कुछ भी,,कहकर वो मुस्कुराने लगा।।।।

रात के समय।।।।

San celeste asylum and hospital।।।

नियति अपने रूम में बैठी हुई थी,,ओर कुछ सोच रही थी,, काश में तुमसे कभी मिली ही न होती।।।
काश,,,,,
कहकर नियति ने अपना सर वहीं दीवार से टिका लिया।।।
फ्लैशबैक।।।
आज नियति अपनी फैमिली के मुंबई जाने वाली थी,
वहीं शाम के समय 
नियति रेडी हो चुकी थी,,उसने टॉप उसके ऊपर एक ब्लैक कलर की डेनिम ओर पैंट्स पहन रखी थी,,
वहीं उसके पापा ने कहा,,,जल्दी चलो,वरना देरी हो जाएगी।।।
हा आए, नियति की मां ने कहा।।
कुछ समय बाद वो सब मुंबई के लिए रवाना हो गए।।
वहीं अगली सुबह वो लोग मुंबई पहुंच चुके थे,,ओर इस वक्त होटल में रुके थे।।क्योंकि पार्टी शाम को थी,,
वहीं नियति के पापा जिनका नाम देवांश था,,उनका फोन रिंग होने लगा,,
वहीं उन्होंने अपना कॉल पिक किया,,
सामने से आवाज आई,जिसे सुन देवांश ने कहा,
अच्छा ठीक है भेजो,,
वहीं नियति जो अपने पापा के किसी काम से आ रही थी,,अपने पापा को इतने गौर से फोन में देखता देख उसने कहा,,क्या हुआ पापा।
कहकर उसने उनके फोन में देखा,,जहां पर एक घड़ी की फोटो दिख रही थी,,जिस पर खून लग रहा था।।
वहीं इस घड़ी को देख कर नियति एक पल को सोच में पड़ गई।।
वहीं नियति ने अपने पापा से कहा,,पापा ये किसकी वॉच है,,
अरे बेटा तुम्हे पता जो अभी टाऊन में मर्डर हुआ था ये उसी के पास मिली है,,
क्या,, नियति ने चौंकते हुए कहा।।
हा,,पर तुम ये सब छोड़ो,ओर थोड़ा आराम कर लो,,फिर शाम को हमे जाना भी है।।
कहकर उसके पापा ने स्क्रीन बंद कर दी,ओर वहां से चले गए,,
अरे यार किट्टू ज्यादा मत सोच,एक जैसी कई चीजें हो सकती हैं,, नियति ने खुद से कहा,,ओर अपना सर झटक दिया।।।।
 रात के समय।।।
राठौर मेंशन।।।
पूरे मेंशन को एकदम किसी दुल्हन के तरह सजाया गया था,वहीं नियति ओर उसकी फैमिली वहां पहुंचे,,
वहीं मिस्टर एंड मिसेज राठौर खड़े थे,,ओर गेस्ट्स का वेलकम कर रहे थे।।।
वहीं अपने दोस्त को मिस्टर राठौर ने कहा,,कैसे हो देवांश,काफी समय बाद मिलना हुआ।।
वहीं देवांश ने कहा,,मैं अच्छा तुम कैसे हो,,यार क्या करूं,,काम के सिलसिले में मिलना हो ही नहीं पाता।।।
सो तो है खैर,,अरे ये तुम्हारी बेटी है देवांश,,मिस्टर राठौर ने नियति के तरफ देखते हुए कहा,,
हा देवांश ने कहा,,
अरे कितनी बड़ी हो गई है,पहचान में ही नहीं आ रही,,
मिस्टर राठौर ने कहा।।
नमस्ते अंकल ,नमस्ते आंटी, नियति ने हाथ जोड़ते हुए कहा,,
कितनी प्यारी ओर संस्कारी बच्ची है,, मिसेज राठौर ने खुश होते हुए जवाब दिया।।।
वहीं उन्हीं के बीच अचानक एक लड़का आया जिसकी उम्र करीब 17 साल होगी ,,जिसने फॉर्मल शर्ट पेंट पहन रखी थी,,
वहीं मिस्टर राठौर ने देवांश से कहा,,ये मेरा बेटा है रिहान राठौड़,,,
ओर रिहान ये है मेरे दोस्त मिस्टर देवांश शर्मा ओर मिसेज दिशा शर्मा,,
ओर इसे तो तुम जानते होगे,, नियति शर्मा
वहीं नियति ने रिहान के तरफ देखा,जो ऑलरेडी उसे काफी इंटेंस नजरों से देख रहा था,,
वहीं उसे इस तरह खुद को देखता देख नियति का मुंह बन गया,,
ये अभी तक वैसे का वैसा ही है,, नियति खुद में बड़बड़ाई।।।

कुछ समय बाद।।
नियति इस वक्त गार्डन में इधर से उधर अपनी आइसक्रीम लेकर घूम रही थी,,वहीं घूमते घूमते अचानक वो किसी से टकरा गई,,
जिससे उसकी आइसक्रीम गिर गई,,वहीं उसने गुस्से में कहा,,कौन है ये अंधा,,कहकर नियति ने देखा,तो सामने कोई ओर नहीं बल्कि रिहान था,,
वहीं खुद के लिए अंधा सुन रिहान की भौहें सिकुड़ गई,,
क्या कहा तुमने अंधा,,
तुम आज भी वैसी ही हो,,बिना कुछ सोचे समझे बोल देती हो।बस तुतलाता छोड़ दिया है क्यों मिस क्यूटी पाई।।।वैसे तुमसे दोबारा मिलकर खुशी हुई।।।
कहकर रिहान ने उसकी तरफ आई विंक की,,वहीं उसकी इस हरकत पर नियति का मुंह खुला का खुला रह गया।।।
वहीं रिहान वहां से चला गया,,ओर नियति उसे जाते देखते रह गई।।
कितना बेशर्म है ये,,नियति खुद में बड़बड़ाई।।
वहीं कुछ समय बाद नियति अपने पेरेंट्स के पास आई,, वहीं देवांश ने मिस्टर राठौर से कहा ,, अब हम चलते है,
फिर कभी वक्त मिला तो जरूर आऊंगा।।।
हा,पर अगली बार जरूर आना,,
खैर कल से तो में अकेली रह जाओगी, मिसेज राठौर ने कहा
क्यों,,मिसेज शर्मा ने कहा,
अरे,ये तो कल से हॉस्पिटल जायेगे,,ओर हमारा बेटा वो अपनी मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूके जा रहा है।।।
अच्छा,,देवांश ने कहा
कुछ समय बाद।।
वहीं वो सब अपनी कार में बैठ गए,,
,वहीं रिहान कुछ समान रखने के बहाने नियति के पास आया,,
वहीं उसे अपने करीब देख नियति घबरा गई।।
वहीं रिहान ने उसके चेहरे पर झुकते हुए कहा,फिर मिलने आना,,मुझे तुम्हारा इंतेज़ार रहेगा,,
कहकर रिहान ने एक गिफ्ट का बॉक्स नियति को दे दिया,,ओर गेट लगा दिया,,
वहीं कार स्टार्ट हो गई,वहीं नियति ने पीछे मुड़कर रिहान को देखा,,वहीं रिहान जब तक नियति को देखता रहा जब तक वो आंखों से ओझल न हो गई।।
फ्लैशबैक एंड
वहीं ये सब नियति सोच रही थी,,ये सब याद करके नियति की आंखों में नमी आ गई,,,
उसके हाथों में वहीं पेंडेंट था जो रिहान ने उसे जाते समय दिया था,,उसने उसे अपने गले से लगा लिया,
ओर वहीं सो गई।।