( अभी-अभी थोड़ी देर पहले ही युवी को होश आया था और उसे आते ही वह इधर-उधर कुछ देखने लगता है)युवी तुम ठीक तो हो ना ?कहीं तुम्हें दर्द हो रहा है "
" पापा! ममा कहां गई?
युवी बेटा, मैंने पूछा कि तुम ठीक तो हो ना क्या मैं तुम्हारे लिए कुछ लाऊं ।
नहीं! पापा ,ममा कहां है? ममा तो मेरे पास थी ना अभी मैं उनके साथ खेल रहा था. पर पता नहीं मुझे छोड़कर कहां चली गई। पापा मुझे मेरी ममा ला कर दो ना ,मुझे मेरी ममा चाहिए ।मैं उनसे बहुत नाराज हूं वह मुझे बिना बोले छोड़कर चली गई उन्होंने कहा था कि वह मुझे छोड़कर कहीं नहीं जाएगी पर वह चली गई ।
नहीं बेटा वह आ जाएंगी!
तभी वहां पर जानकी देवी आ जाती है और युवी को होश में आए देख उसे गले लगा लेती है ।
युवी !तुम ठीक हो मेरे बच्चे? कहीं तुम्हें चोट तो नहीं आई, क्या कहीं पर तुम्हें दर्द महसूस हो रहा है?दादी! मेरी ममा कहां है ?
"मुझे मेरी ममा के पास जाना है।
युवी तुम्हें पता है ना बेटा मां हमारे पास नहीं रहती।
हां दादी ,लेकिन मैंने उन्हें देखा, ममाँ ने उन बुले गुंडो से मेरी जान बचाई, मैंने उनसे बात की औल उन्होंने मुझे ढेल सारा प्यार भी दिया। मैं ममां और आंटी बहुत देल तक खेल रहे थे हमने बहुत सारी खेल खेली और हमने बहुत साला मस्ती भी किया। दादी मुझे ममां के पास जाना है, मुझे ममां के पास ले चलो ना।
अच्छा ठीक है! मैं तुम्हें तुम्हारी ममां के पास ले चलूंगी ,पहले तुम्हें यह सब खाना खत्म करना होगा और यह सब खाना होगा। फिल ले चलो कि मुझे ममां के पासहां! युवी मै ले चलूंगी।
ठीक है मैं सब खाना खत्म कर दूंगा ।
"जानकी जी युवी को खाना खिलाती है फिर उसे दवा खिलाकर सुला देती है। और जब तक यूवी नहीं सोता तब तक जानकी देवी युवि का सर को सहलाती है ,और उसे सुला देती है ।
थोड़ी देर बाद युवी को नींद आ जाती है और वह सो जाता है ।
अनुराग- मुझे काम है माँ! मैं जा रहा हूं आप युवी का ख्याल राखना।
रुक जाओ अनुराग ,बेटा तुम्हें कुछ पता चला उन लड़कियों के बारे में ,कि कौन है वे?मुझे लगता है कि हमें एक बार युवी को उससे मिला देना चाहिए शायद उसे मिलकर युवी को अच्छा लगे।नहीं मां ! हमें भी पता नहीं चला की लड़कियां कौन है, हम पता लग रहे हैं ।और रही बात युवी की तो ,उस वक्त काफी डरा रहा होगा और इसीलिए उसने उस लड़की को अपनी मां समझ लिया, लेकिन सच तो यही है ना कि वह उसकी मां नहीं है। जब युवि का तबीयत ठीक होगा तो वह सब कुछ भूल जाएगा। आप उसका ख्याल रखिए मैं अभी आता हूं।
जानकी देवी-(मन मे) तुम्हारे लिए जितना आसान है कहना उठना है नहीं अनु! एक बच्चा अपनी मां को कभी नहीं भूल सकता। पता नहीं तुम यह बात कब समझोगे।अनुराग के कमरे से निकलते ही जानकी देवी युवी के पास जाती है और उसके पास ही सो जाती है।
नेहा! तुम हो कि मुझसे बात ही नहीं कर रही हो। !अच्छा तुम्हें कुछ खाना है क्या मैं तुम्हारे लिए कुछ बना कर लाऊं?
नहीं रेशमा! रहने दो हमने बहुत सारा खाया है अब मेरे खाने का मूड नहीं है।
नेहा बस भी कर यार उस बच्चे के बारे में अब कितना सोचेगी? तुमने देखा ना उसे लेने के लिए इतने सारे गॉड्स आए थे ,इसका मतलब है , कि किसी बड़े घर का बेटा होगा और उस गुंडे लोगों ने भी उसे पैसे के लिए ही किडनैप किया था।तो इतने बड़े घर के बच्चे को आखिर दुख किस बात का होगा? वह तो अपने घर में खुश ही होगा ना ?और तुम बस उसकी ही फिक्र किये जा रही हो?
पता नहीं रेशमा पर मुझे ऐसा क्यों लग रहा है कि युवी अभी अपनी मां को भूला नहीं है ।वह उसे रोज याद करता है ,इतने छोटे बच्चेकी मां उसे इस दुनिया में छोड़ गई।तू समझ सकती हैं ना मैं क्या कह रहा हूं, आखिर हम भी तो बिन मां बाप के पले बड़े हैं ना। तो हम भी तो समझ सकते है ना कि एक माँ न होने का दुख कितना बड़ा होता है ।
नेहा मैं समझ रही हूं ,पर उसके फैमिली में तो सब कुछ है ना उसके पास और तुम ज्यादा उसके बारे में मत सोचो भूल जाओ उसे ।शायद तुम ठीक कह रही हो हमें अब अपनी आगे की जिंदगी पर ध्यान देना चाहिए ।हां तुम ठीक कह रही हो चलो सो जाते हैं ।कल सुबह जल्दी उठना है और हमें अपने काम पर ही जाना है।गुड नाइट! गुड नाइट नेहा।
other side
एक डार्क बेसमेंट में बॉडीगार्ड कुछ लोगों को मार रहे होते हैं , वही लोग होते हैं जिन्होंने युवि का किडनैप किया था।
तभी वीर और अनुराग उस बेसमेंट में आते हैं और उन लोगों को मारने से रोकते हैं। बाँस यह जो सामने बैठा हुआ है यह वही इनका बाँस है ,जिन्होंने यह आर्डर दिया था कि युवी का किडनैप करें ।
वीर और अनुराग दोनों गुस्से से उस आदमी को घूरते हैं वह आदमी दोनों के गुस्से से कापता होता है ,मुझे माफ कर दो मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई ।क्या तुम नहीं जानते थे कि हम लोग कौन हैं ।
हां मैं जानता हूं आप लोग की शहर के बिजनेस रूद्र सिंह प्रताप के बेटे हैं और मैंने उसके पोते को किडनैप किया था।
वीर- अच्छा तो तुम इतना ही जानते हो तो एक बात और जान लो क्योंकि , तुम्हें ऊपर की टिकट काटनी है। हम इस शहर के बिजनेसमैन के बेटे ही नही! बल्कि हम माफीया भी हैं ।और तुम जैसे छोटे-मोटे माफिया और गुंडे ने सोचा भी कैसे की तुम अनुराग सिंह प्रताप के बच्चे को किडनैप करोगे।
देखिए सर इसमें हमारी कोई गलती नहीं है हम तो बस अपने बॉस के कहने पर यहां आपके बच्चे को किडनैप किए थे ।सारी गलती इनकि है,मुझे माफ कर दो! मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई
वीर- और इस गलती की सजा हमारे पास सिर्फ एक ही है ।वह है तुम्हारी मौत ।अनुराग इतना बोलते ही अपनी गण निकलता है और गन से फायरिंग करने लगता है और वीर भी अपना घर निकल कर फायरिंग करने लगता है वहां पर जितने गुंडे बैठे थे उन सब को गोली मारते हैं । वीर इन सब की लाश को ठिकाने लगा दो और इन सब की लाश को वहीं दफना दो जहां इन्होंने यूवी को ले गए थे ।
हां भाई ऐसा ही करूंगा । इन लोगों की हिम्मत कैसे हुई मेरे युवराज को किडनैप करने की ,चलो उठाओ इन्हें ले चलो ।सारे गार्डस आते हैं और उन गुंडो को वैन में डालकर ले जाते हैं ।
morning time pratab house
रूद्र सिंह प्रताप और अनुराग,वीर तीनों सोफे पर बैठे होते हैं और एक मेड उनके लिए चाय लाती हैं, तीनों चाय पी कर आपस में बात कर रहे होते हैं।अनुराग आज लंदन से कुछ क्लाइंट आ रहे हैं शायद उन्हें हमारे प्रोजेक्ट में इंटरेस्ट हो तो तुम और वीर दोनों आज की मीटिंग अच्छी तरह से अटेंड कर लेना, और वहां के एंप्लॉई को कहना कि आज सारे लोग अपना प्रोजेक्ट ठीक से करें ।कोई भी मिस्टेक नहीं होनी चाहिए।जी डैड, मैं जानता हूं अगर उन्हें हमारा प्रोजेक्ट अच्छा लगा तो तो हम उनके साथ मिलकर प्रोजेक्ट की शुरुआत करेंगे। यह प्रोजेक्ट काफी बड़ा होगा और इसमें हमें बहुत ज्यादा प्रॉफिट भी होगा ।
रुद्र प्रताप- हां !और मैं चाहता हूं कि इसमें कोई भी गड़बड़ी न हो तो सारा काम तुम लोग देख लेना। किसी भी हालत में हमें यहां प्रोजेक्ट चाहिए।जी डैड ,मै समझ गया,तीनों ऑफिस की बात कर रहे होते हैं तभी यूवी सीढी़ से उतरकर भगा-भगा आता है ।
ममा !ममा !आप कहां हैं ?आप कहां हैं?पापा आपने प्रॉमिस किया था ना कि आप मेली ममा को लाओगे कहां है मेली ममा?
युवी के पीछे-पीछे उसकी दादी भाग कर आती है और युवी को बार-बार सीढ़ी से आराम से उतरने को कहती है, लेकिन युवी अपनी दादी की बातों को नहीं मान रहा होता है और जल्दी-जल्दी उतरने को होता है ।युवी भाग कर पापा के पास आते हैं ,जहां पर उनके पापा दादा बैठे रहे होते हैं ।
युवी उसके पास आते हैं ।"पापा !आपने कहा था ना कि आप ममा को लें आयेंगे? मैं उनसे सुबह मिलूंगा ,आपने प्रॉमिस किया था ना।
अनु युवी की बातों को सुनकर कुछ नहीं कहता है बस उसे एक तक देखता रहता है। इससे पहले अनुराग कुछ बोल पाता वीर युवी को अपनी ओर खींचता है ।
युवी क्या हुआ बेटा?चाचू !😭दादी और पापा ने मुझे कहा था कि मैं सुबह अपनी ममा से मिलुगा।युवी तुम्हारी ममा नहीं आएगी बेटा ।वह हमें छोड़कर जा चुकी है।वीर की बातों को सुनकर युवी काफी रोता है, युवी को ऐसे रोता देख वीर उसे गले से लगा लेता है।आ
(थोड़ी देर बाद युवी को होश में आता है । अनुराग जब देखा है कि युवी को होश आ रहा है तो, उसका हाथ पकड़ लेता है और उसे प्यार से बोलता है।)
युवी !!तुम ठीक हो ना बेटा, तुम्हें ज्यादा दर्द तो नहीं हो रहा है ना?(होश में आते ही युवी इधर उधर किसी को ढूंढने लगता है )
ममा !ममा कहां है?😭(
युवी के बातों से अनुराग हैरान हो जाता है फिर भी वह बात पलटने लगता है ताकि युवी का माइंड डाइवर्ट कर सके )
युवी !बेटा, मैंने पूछा कि तुम ठीक तो हो ना ?क्या मैं तुम्हारे लिए कुछ लाऊं ?
नहीं! पापा ,ममा कहां है? ममा तो मेरे पास थी ना अभी? मैं उनके साथ खेल रहा था. पर पता नहीं मुझे छोड़कर कहां चली गई। पापा !😭मुझे मेरी ममा ला कर दो ना ,मुझे मेरी ममा चाहिए ।मैं उनसे बहुत नाराज हूं, वो मुझे बिना बोले छोड़कर चली ग, उन्होंने कहा था कि वह मुझे छोड़कर कहीं नहीं जाएगी पर वो चली गई ।
(युवी की बातों से अनुराग बहुत ज्यादा इमोशनल होता है )