Tere Mere Darmiyaan - 54 in Hindi Love Stories by CHIRANJIT TEWARY books and stories PDF | तेरे मेरे दरमियान - 54

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तेरे मेरे दरमियान - 54

रागिनी की बात को सुनकर सभी हक्का बक्का रह जाता है ।

रागिनी फिर कहती है --

रागिनी :- मैं उस मनहूस शाम को कभी नही भूल सकता , जब आदित्य मेरे पास आया था , उसी शाम को मैं भी आदित्य को अपने दिल की बताने वाली थी । पर उससे पहले ही इसने तुम्हारे बारे मे बता दिया । फिर बाद मैने भी आदित्य को अपनी दिल की बात बताई पर क्या फायदा ये तो तुम्हारा हो चुका था । अब पता चला के ये फिर से सिगंल हो गया है तो ट्राई मार रही हूँ के काश ये शादी के लिए हाॉ कर दे । पर ये है के अकड़ू हो गया है । पता नही मुझमे ऐसी क्या कमी है जो ये मुझे Accept नही करता है ।

आदित्य :- अरे तु तो दुनिया की सबसे खुबसूरत लड़की है । तेरे जैसा तो कोई हो ही नही सकता ।

रागिनी :- हां हां तभी तुने इसके ( मोनिका ) के वजह से मुझे छोड़ा था । तुम्हारी टेस्ट इतनी खराब होगी मुझे पता नही था ।

रागिनी को अपना insult करता सुन मोनिका को गुस्सा आ जाता है और मोनिका कहती है --

मोनिका : - रागिनी , तुम्हारी हिम्मत कैसे हूई मेरे बारे ऐसा बोलने की ।

रागिनी : - सच तो कहा मैने , मैं तुमसे हर चिज मे आगे हूँ , दैखने मे , फिगर मे और पैसो मे भी , पर फिर आदित्य ने तुम्हें चुना , अगर इसे पैसो ये प्यार होता तो ये मेरे पास आता । पर मैं फिर भी चाहता हूँ के आदित्य मेरे पास मेरे पैसे , फिगर, सुंदरता किसी भी कारण से मेरे पास आए । पर मुझे पता है ये मेरा कभी नही होगा । पता है मैं इसके पिछे क्यू पागल हूँ । इसकी अच्छाई के लिए । ये दुसरो के लिए अपनी जान तक दे देगा पर उफ्फ तक नही करेगा । ऐसा है मेरा आदित्य ।

रागिनी के इतना कहने पर रमेश और कृतिका का सिना गर्व से उचां हो जाता है और मोनिका और बाकी सभी हैरान हो जाता है । जानवी आदित्य की और दैखती है और सौचती है --

" क्या मैने सच मे आदित्य को गलत सौच लिया । कही वो बेगुनाह तो नही है , नही नही ऐसा नही हो सकता । आखिर सब आदित्य के बारे एक ही बात बोल लगा है के वो दुसरो के लिए अपनी जान तक दे सकता है , तभी जानवी को एसिड अटेक वाला दृश्य याद आता है , जब आदि एसिड अपने इपर ले लेता है । 

जानवी :- नही मेरे से गलती नही हो सकती ।

रागिनी ( मोनिका से ) :- बताओ और कुछ बताउ आदि के बारे मे , तुम लोगो ने एक ऐसे आदमी को खोया है जिससे बाद मे तुम्हें सिर्फ पछतावा होगा ।

रागिनी जानवी को जलाने के लिए बार बार आदित्य से चिपक रही थी । जिसे दैखकर जानवी को गुस्सा आ रहा था , रागिनी समझ जाती है के जानवी के मन मे आदित्य को लिए प्यार अब भी है ।


रागिनी की बात को सुनकर सभी वहां से चला जाता है । जानवी और आदित्य एक दुसरे की और दैखता है , रागिनी दोनो को एक दुसरे को दैखते हूए दैख लेती है । और हल्की मुस्कान देती है । रागिनी समझ जाती है के दोनो के दिल मे एक दुसरे के लिए कही ना कही प्यार तो है ।

जानवी और विकास अपने शादी का कार्ड लेने गया था । विकास कार्ड लो रहा था और जानवी आदित्य के बारे मे सौच रही थी तभी विकास कहता है --

विकास :- कहां खोयी हो ।

जानवी :- कुछ नही ।

विकास :- चलो कार्ड लेकर चलते है और सबसे पहला कार्ड किसे देना चाहोगी ।

जानवी :- तुम जानते हो मैं किसे दूगीं, अब चलो ।

विकास हल्की मुस्कान देता है और कार को आदित्य के घरके बाहर रौक देता है ।

जानवी कार्ड लेकर जाती है , जहां पर आदित्य घर के अंदर तिरु और रमेश , रश्मि के साथ बैठा हूआ था। तभी जानवी आती है जिसे दैखकर सभी हैरान हो जाता है तब जानवी के पिछे विकास भी आता है । जानवी आदित्य को शादी का कार्ड देते हूए कहती है ।

जानवी :- मेरा शादी का कार्ड , मैं और विकास शादी कर रहे है । 

विकास :- तुम सभी लोग आना । वहां पर खाने पिने का अच्छा बंदोबस्त रहेगा फ्रि मे , आना सब ठिक है ।

आदित्य :- शादी का खर्चा कैसे उठाएगा , तुझसे तो तेरा दोनो काम छीन गया है और जानवी को मिल गया है , तेरी कंपनी बंद होने को है और तु हमे खाना खिलाएगा ।

आदित्य से इतना सुनकर विकास और जानवी हैरान हो जाता है , विकास सौचता है --

" इसे कैसे पता के मेरा कंपनी बंद होने वाला है । "

जानवी :- विकास ये क्या बोल रहा है । तुम्हारी कंपनी बंद होने वाली है ।

विकास :- झुट बोल रहा है ये आदमी , ये कौन होता है मेरे कंपनी के बारे मे बोलने वाला । मेरी कंपनी है मेरे से ज्यादा ये कैसे जानेगा । 

जानवी :- अगर विकास की कंपनी बंद भी होती है तो उसके लिए मैं हूँ , मैं कंपनी को फिर से खड़ा करुगीं ।

आदित्य जानवी से कार्ड ले लेता है और कहता है --

आदित्य :- मैं आउगां , जरुर आऊगां ।

2 दिन बाद मोनिका और विक्की कार से जा रहे थे तभी मोनिका कहती है --

मोनिका :- परसो विकास और जानवी की शादी है ।
 
विक्की :- हां , हम जरुर चलेगें ।

मोनिका :- आखिर कितने मुस्किलों के बाद दोनो एक बार फिर मिलेगें । सच मे प्यार अगर सच्चा हो तो उसे मिलने मे कोई नही रौक सकता ।

विक्का :- You are right मोनिका । 

मोनिका विक्की के करिब आती है और कहती है --

मोनिका :- जान ...!

विक्की :- हम्म ।

मोनिका :- हम शादी कब करेगें ।

विक्की :- करेगें ना ।

मोनिका: - यही बोलके तुम हर बार बात को बदल देते हो ।

विक्की कार रोकता है और मोनिका के दोनो गाल पर अपना हाथ रखता है और कहता है --

विक्की :- अभी मुझे बहोत काम करना है बेबी , शादी तो करुगा ही , पर अभी शादी से ज्यादा Important कैरियर है । और वैसे भी शादी करके हमे वो सब ही तो करना है । वो तो हम अभी भी कर सकते है ।

इतना बोलकर विक्की मोनिका के होंट पर किस करने जाता है । तो मोनिका विक्की को रोकती है और कहती है --

मोनिका :- बस इसिलिए मैं कहती हूँ के शादी कर लेते है । क्योकी ये सब शादी के बाद ही अच्छा लगता है ।

विक्की :- क्या बेबी, पुरा मुड खराब कर दिया । कितना अच्छा रोमांटिक मूड और मौसम है । और वैसे भी हमने तो पहले भी वो सब किया है ना ।

मोनिका :- हां पर वो एक गलती थी पर अब वो गलती मैं दुबारा नही दोहरा सकती । अब सब शादी के बाद ।

विक्की :- पर बेबी , किस तो कर सकता हूँ ना । ये तो अलाव है ।

मोनिका ( सरमाती हूई ) :- तुम भी ना ऐसे नही मानोगे है ना ।

विक्की मोनिका के करीब जाता है और मोनिका को किस करने लगता है । विक्की मोनिका के होंट से लेकर उसके बदन के हर जगह को किस करने लगता है मोनिका की सांसे तेज थी , मोनिका विक्की को रौकते हूए कहती है ---

मोनिका :- बसस् विक्की , और नही .......बसससस् करो ...

मोनिका के कहने के बाद भी विक्की का होट मोनिका के बदन पर बेलगाम घोड़े की तरह दौड़ रहा था । मोनिका विक्की को रोकना तो चाहती थी पर मोनिका को भी अच्छा लगने लगा था ।

विक्की जो चाहता था उसे वो मिलने लगा था , विक्की तो बस मोनिका को इस्तेमाल कर रहा था । विकी अपनी चाल मे कामयाब हो रहा था । पर मोनिका अपनी बर्बादी से अनजान अपने आपको विक्की को सोंप देती है और विक्की उसका पुरा फायदा उठा रहा था ।

 समय 1 घंटा बित चुका था और दोनो कार मे अपने आपको एक दुसरे पर न्योछावर कर दिया था , दोनो के बदन मे एक भी कपड़ा नही था और दोनो एक दुसरे पर ऐसे खोये थे मानो कबसे प्यासे हो । कुछ समय और बित जाने के बाद दोनो एक दुसरे से अलग हो जाते है , विक्की मोनिका की और दैखता है और कहता है --

विक्की :- बेबी , You are fantastic. एक अलग ही नशा है तुममे ।

मोनिका सरमाते हूए कहती है --

मोनिका :- तुम भी ना , तुम्हें तो बस कोई बहाना चाहिए । ये सब करने का । बस सिर्फ अपनी मन की करते हो , वो भी बिना प्रोटेक्सन के , कुछ हो गया तो संभालना तुम्हें ही पड़ेगा ।

विक्की :- तब की तब दैखा जाएगा ।

इतना बोलतर विक्की एक गोल्ड नेक्लेस मोनिका को पहना देता है , मोनिका नेक्लेस दैखकर बहोत खुश हो जाती है और कहती है --

मोनिका: - वाव , कितना सुंदर है , थैंक्स विक्की ।

विक्की :- सुंदर तो है , पर तुमसे ज्यादा नही ।

To be continue.....398