कृषभ दोनों हाथों में गन लिए "आज तुम सबको पता चलेगा काम के बीच बेक्काम के लोग मुझे कितना नापसंद है" और ढीसक्याव के साथ सूट कर दिया।
"बचाओ,,,," कनंत काशी से और कृषि रिहा से लिपटकर जोर से चीख पड़े।
"अबे चुप,,,," कृषभ उन दोनों पर भड़का। अब आगे,,,
"क्या हुआ चिल्ला क्यू रहे तुम दोनो?" कृभीन,, भीनी,,रिहा,, काशि,, कन्फ्यूज होकर देखते हुए बोले।
"ऊलजुलूल ही चल रहा था दिमाग में और क्या ही होगा" आशना आते हुए बोली।
कृषि और कनंत बड़ी बड़ी आंखे कर हैरानी से सबकी ओर देखे फिर कृषभ के हाथों को देख राहत की सांस लेते हुए एक दूसरे को देख "थैंक गॉड की ये सिर्फ एक इमेजिन था"
सभी को समझ में आ गया की क्यू चिल्लाए दोनो सभी उन्हे घूरने लगे तो दोनो दात दिखा दिए।
"well leave it all,,,हमे काला भंडार से जो भी मिला उसका टेस्ट ले लिया तुमने भीनी?" आशना सीरियस टोन में पूछी तो सभी सीरियस हो गए।
"Yss लीडर all tested well" भीनी ने जवाब दिया।
आशना सोचते हुए "तो क्या रिजल्ट आया ?"
"रिजल्ट ऐसा बताना जिससे पता चले की काला भंडार में इतने सारे गुप्त अड्डे क्यों बनवाए गए हैं?" कृषभ हाथ बांधे बोला।
भीनी बोली "Hmm,,, ऐसा ही कुछ है या कहूं इससे उलट"
सभी आखों में चमक लिए "क्या?"
भीनी सी.सी.टीवी रूम से बाहर जाते हुए "आओ दिखाती हु तुम सबको"
सभी उसके पिछे पिछे क्लिनिक रूम मे पहुंचे भीनी ने आशना को तीन प्लास्टिक की थैली दी सभी ने गौर से देखा उनमें से एक थैली में छोटी छोटी लकड़ी के टुकड़े थे जिसमे राख जैसा कुछ लगा था और दूसरी थैली में लोहे के छोटे छोटे टुकड़े और तीसरी थैली में अलग अलग रंग के चिंदी कपड़े थे।
सभी गौर से एक एक चीज को नोटिस किए कृभिन को छोड़ सभी कन्फ्यूज होकर भीनी को देखे।
भीनी सबके चेहरे के कन्फ्यूजन को देख
आगे बोली "जानती हु बहुत कन्फ्यूजन है समझने में,,,ये कचरे के समान जो चीजे नजर आ रही है ना कोरे से भी कोरा सबूत है"
"ऐसा क्या है इस कचरे में जो ये कोरा कोरा सबूत हो गया?" कनंत कृषि एक साथ भौंहे सिकोड़ कर बोले।
"ध्यान से देखो अक्ल के अंधों हर चीज में एक पॉइंट नजर आएगा और,,," भीनी की बात पुरी भी नही हुई की दोनो बड़बोले फिर अपनी जबान अड़ा दिए
कनंत उबासी लेते हुए "अब क्या हम इन चिंदी फिंदी में लिखा हुआ पॉइंट ढूंढे"
कृषि मुंह बनाकर "सठिया गई हो का,,? बेकार का टाइम लिए नही बैठे है हम" इन दोनो की फालतू बातें सुन काशी और रिहा का मन कर रहा था दोनो को पटक पटक कर मारे
"अबे चुप,,,चुप रहो तुम दोनो,,," कृषभ गुस्से से चिल्ला उठा।
काशी भी गुस्से में दोनो को घुर कर "भीनी तुम ही साफ साफ समझा क्यू नही देती"
"और नही तो क्या फालतू पॉइंट का कच कच कर टाइम वेस्ट कर रही" रिहा काशी का साथ देते हुए लेकिन अनजाने में आशना की आवाज निकाल दी जिससे भीनी डरते हुए "ह हा वो लीडर मैं समझाती हु ये जो,,," इतने में उसका ध्यान गया सभी पर और खासकर आशना पर जो ठीक उसके सामने थी और रिहा को घुर रही थी फिर क्या वो समझ गई।
वही रिहा मुंह पर हाथ रख "ऊप्स,,, सॉरी जुबान फिसल गई"
भीनी उसे घूरते हुए "कुछ ज्यादा ही नहीं फिसल रही आजकल,,संभाल कर रखो कही ऑपरेशन न करवाना पड़ जाए,,,"
रिहा का मुंह बन गया।
तभी आशना बीच में शांत भाव से "इसका कुछ नहीं हो सकता तुम आगे बको"
भीनी उसकी बात मान "Yss लीडर तो ये लकड़ी के टुकड़े है ना कुछ बनाने के लिए इनको आरी से काट छाटा गया है,,,"
आशना भौंहे सिकोड़ बोली "हम भी देख सकते है तुम आगे बको"
भीनी का मुंह बन गया। तो वही बाकी सब मुंह दबाए खी खी कर रहे थे।
भीनी उन्हे घुरी तो सब नोर्मल खड़े हो गए।
"इनमे जरूर राख लगा है" कनंत अपना दिमाग बिच में घुसाया तो कृषि भी कहा पिछे हटने वाला था
वो बोला "राख नही सीमेट हैं अल्ट्रा सीमेंट"
इनकी बात सुन आशना और कृषभ बोल पड़े "तुम दोनो अपने बातो का पॉइंट समझाओ"
"अरे लीडर कहा आप इन बडबोलो पर टाइम वेस्ट कर रहे" रिहा,काशी, कृभिन,भीनी एक साथ बोले।
तभी कोई चीखा "ए चुप" ये कोई और नहीं कनंत ही है। सभी उसकी ओर रूख किए।
तो कनंत किसी इंजीनियर की तरह बोला "तो मेरा पॉइंट ये है की वहा जो लकड़ी का टुकड़ा मिला है जैसे की भीनी ने बताया आरी से काटा गया है तो साफ है,,जलाकर ठंड दूर करने के लिए इस्माल किया गया है और ये उसी का राख है"
सभी आखें छोटी कर उसे घूरने लगे।
तो वही अब कृषि अपना ज्ञान शुरू किया "साले गर्मी के मौसम में कोई आग काहे सेकेगा बे,,, सच तो ये है की ये सीमेंट है अब इतने सारे गुफिया अड्डा बनाने के लिए सीमेंट तो लगेगा ही ना"
सभी अजीब तरह से मुंह बनाकर कनंत और कृषि को घूरे जा रहे थे फिर एक दूसरे को देख बोले "इनका कुछ नहीं हो सकता"
दोनो सभी को ना समझी में देख "क्या मतलब कुछ नहीं हो सकता??"
कृभिन हाथ जोड़े "माफ करना भाई बहुत कुछ हो सकता हैं"
दोनों कन्फ्यूज शक्ल बनाए"क्या हो सकता हैं??"
तो कृभिन बोला "तुम दोनो का लगाया पॉइंट हमे मिशन फेल करवा सकता हैं"
तभी बीच में रिहा बोली "हमारा काम भारत के साथ हर देश में बैन करवा सकता हैं "
तो काशी भी दोनो हाथों को जोड़ बोली "और हमे भारत से बाहर भी फिकवा सकता हैं"
इतने में सभी एक साथ चिल्लाए "इसलिए अपना मुंह बंद रखो"
"अच्छा तो ये इनमे लगे ये राख है या सिमेट तुम ही बता दो?बताओ क्या है ये??" कनंत कृषि मुंह बनाकर एक साथ सवाल किए।
"राख या सीमेंट नही बारूद है वो इडियट,,,और ये लोहे के टुकड़े इनमे भी बारूद लगा हुआ है और रही बात इन चिंदी चिंदी कपड़ो की इनमे नशीला पदार्थ मिलाया गया है जो अभी भी किसी इंसान को बेहोश करने के लिए काफी है" भीनी ने अपनी बात खत्म की उसकी बात सुन सभी के चहरे पर हैरानी थी अब तक जो हुआ सभी गौर से एक एक पॉइंट को नोटिस करने लगे ताकि इन सब चीजों का मतलब समझ में आ जाए।
तभी कृभिन के दिमाग की बत्ती जली "hmm अब मुझे समझ में आया ये सब क्या है" सभी उसे गौर से देखने लगे।
"तो बक ना जल्दी" कनंत ने कहा।
तो कृषि भी कहा पिछे हटता वो बोला "हा जल्दी बोल या मुहूर्त निक्लवाऊ"
"तुम दोनो मुंह बंद रखोगे तो ही वो आगे बोल पाएगा ना बड़बोलो" सभी एक साथ उन्हे घूरते हुए बोले। तो दोनो का मुंह बन गया।
"वहा हथियार बनाए जा रहे थे ये बारूद और लोहे के टुकड़े उसका सबूत है और रही बात चिंदी कपड़ो की तो किसी इंसान को काबू में करने के लिए बेहोशी का स्प्रे यूज किया गया है भूल गए मिकी ने भी बताया था ना उसने इस्पेक्टर को एक लड़की को बेहोश करते देखा " कृभिन अपनी बात खत्म किया तो किसी ने उसकी आखरी बात पर ध्यान नहीं दिया।
🤔क्या भीनी का टेस्टिंग सही है? अचानक से कहा मिस्टर इंडिया हो गया इस्पेक्टर मुरीद? 🤔जानने के लिए बने रहे स्टोरी के साथ🤪😎
हे दोस्तों फ्री हुई हु तो इस स्टोरी को आगे बढ़ाने का सोची तो रोज पार्ट देने का वादा तो नही करूंगी लेकिन हा कोशिश मेरी पूरी रहेगी की हफ्ते में दो दिन पार्ट दू 🤗
और प्रतियोगिता "सुपर लेखक अवार्ड 7" में मै भाग ली हु और मेरी लिखी स्टोरी 🤟"थ्री बेस्ट फॉरेवर"💜भी कंप्लीट हो चुकी हैं। ये स्टोरी कॉमेडी से भरपूर दोस्ती यारी पर आधारित है। एक बार जरुर पढ़े।🙏💜😘
Holi को समाप्त हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है इसलिए
🤩💜Very very happy holi 💜🤩