Ant ya fir Aarambh - 1 in Hindi Thriller by Ankit books and stories PDF | अंत या फिर आरंभ - 1

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अंत या फिर आरंभ - 1

अंत या फिर आरंभ

रात का समय था तेज हवाएं चल रही थी बहोत तेज बिजलियाँ कड़क रही थी और तेज बारिश से ऐसा लग रहा था जैसे मानो आज इंद्रदेव अपने रौद्र रूप में हों, इतनी तेज बारिश और तेज हवाओं के बीच एक लड़का पहाड़ी पर खड़ा नीचे खाई की और देख रहा था और आश्चर्य की बात तो ये थी इतनी तेज बारिश और तेज हवाओं के बीच वो लड़का ज्यों का त्यों खड़ा बस नीचे खाई की ओर ही देख रहा था।असल में वो लड़का कोई और नहीं बल्कि अंश था, अंश एक साधारण सा लड़का है जो अब 20 साल का हो गया लेकिन अब उसका दिमाग बच्चों जैसा हो गया था।अंश खुद में ही अपने आप से बात करते हुए कहता है "यहाँ सब मतलबी हैं, कोई किसी का नहीं सबको सिर्फ अपना स्वार्थ ही नजर आता है, क्या फायदा इस समाज में रहने का जहाँ किसी इंसान में इंसानियत ही ना बची हो मैं ऐसे लोगों को के साथ अब और नहीं रह सकता भगवान जी मुझे माफ करना मुझे पता है आत्महत्या एक पाप है लेकिन मैं मजबूर हु ,मैं इस मतलबी दूनिया को छोड़कर आपके पास आ रहा हूँ।"इतना बोलकर अंश उस पहाड़ी से नीचे खाई में छलाँग लगा देता है देखते ही देखते वो तेजी से नीचे गिरने लग जाता है कुछ ही देर में उसकी आँखें बंद हो जाती हैं वो हवा में ही बेहोश हो जाता है तभी वो

जाके नीचे बह रही नदी में गिरता है नदी भयानक उफान के साथ बह रही थी, अंश अभी तक बेहोश ही था नदी उसे अपने साथ बहा के ले जाती है धीरे-धीरे नदी जाके समुद्र में मिल जाती उसके साथ ही अंश भी अब समुद्र में गिर जाता है अंश अब धीरे-धीरे समुद्र की गहराई में जाने लगता है कुछ ही देर बाद वो बहोत गहराई में चला जाता है तभी उसका सिर किसी चीज से टकराता है और उसके सिर में चोट लग जाती है इतने में अचानक उसे होश आने लगता है धीरे से अंश अपनी आँखें खोलता है वो देखता है कि वो गहरे पानी के अंदर है उसने अपने आप से कहाँ क्या हुआ मैं ज़िंदा हुँ या नहीं  ये मैं पानी के अंदर कैसे आ गया और अगर मैं ज़िंदा हुँ तो मैं अब तक पानी में कैसे रह पा रहा हूँ उसे इस वक्त कुछ समझ नहीं आ रहा था वो अपने आप से ही सवाल कर रहा था तभी उसे उसके पीछे कुछ भयानक अहसास होता है वो उस पानी के अंदर अंधेरे में कुछ भी साफ नही देख पा रहा था तभी उसे अहसास होता है कि कोई उसके पास आ रहा है और वो एक से ज्यादा है।तभी अंश को खतरे का अहसास होता है लेकिन वो तो अब मौत से डरता ही नहीं था उसे तो खुद ही मरना था इसीलिए वो वही रहता है और देखता है आखिर क्या माजरा है! तभी कुछ जहरीले जीवो के साथ-साथ पिराना मछलियों का झुंड अंश पर हमला करने के लिए आ जाता है अंश उनको देखकर अवाक हो गया था उसे खुद समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या करे तभी वो सभी पिराना मछलियों का झुंड अंश पर हमला करने लग जाता है वो सभी अंश को काटने लग जाती है इधर अंश बुरी तरह से झटपटाने लग जाता उसे बहोत तेज दर्द होने लग जाता है जहाँ-जहाँ वो मछलियाँ काट रही थी वहाँ-वहाँ लाल खुन की जगह नीला रक्त निकलने लग जाता है तभी कुछ जहरीले जीव भी अंश को काट लेते हैं कुछ ही देर में अंश बेहोश हो जाता है वो अब अपने आपको उनको सौप चुका था वो अब मरने की कगार पर था कि तभी असके एक हाथ की कलाई पर कुछ चमकने लग लग जाता है उसकी कलाई पर त्रिशूल का निशान बना हुआ था और वो अब सुनहरे रंग में चमकने लग जाता है देखते ही देखते उसके गले का रंग निला हो जाता है उसके आस पास चारो ओर निले रंग का औरा फैल जाता है अभी उसकी आँखें बंद थी तभी अचानक वो अपनी आँखें खोलता है उसकी आँखें अब गहरे हरे रंग की हो गयी थी अंश की जानलेवा आभा फैल रही रही थी उन मछलियों के झुंड को अंश के ऐसे रूप का अहसास होते ही सभी वहाँ से दूर हो गयी,  कुछ ही देर में अंश अपने सिर पर हाथ लगा लेता है उसका सिर बहोत तेज दर्द करने लग जाता है वो मछलियों के काटने से पहले ही जख्मी हो गया था अब उसके सिर में दर्द के कारण वो वही समुद्र की तलहटी में लेट जाता है और बेहोशी की हालत में चला जाता है।कोई अगर अंश की ये हालत देखता तो कहता अंश अब मर चुका है अंश अब समुद्र की सतह में बेहोश पड़ा हुआ था तभी वो अपनी यादो की दूनिया में चला जाता है उसको अपनी यादें तेजी से दिमाग में आने लगती हैं  एक के बाद वो अपनी यादों को सपने के रुप में देखने लग जाता है उसके सामने एक करके उसे बहोत से सपने लगातार चलने लग जातें हैं वो जब ध्यान देता है कि उसे कभी कुछ दिखाई देता है कभी जल्दी से कभी एकदम से दुसरा कोई दृश्य दिखने लग जाता है वो खुद अब समझने की कोशिश करने लग जाता है कि ये उसके साथ क्या हो रहा है उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था उसका सिर बहोत तेज दर्द करने लग जाता है वो अब अपने सिर को तेजी से पकड लेता है और समझने की कोशिश करता है वो पहले अपने आप से कहता है मुझे सबसे पहले शांत होके ध्यान लगाने की जरुरत है मुझे पता करने की ज़रुरत है ये सब मेरे साथ क्या हो रहा है वो अपने आपको शांत करके ध्यान लगाकर समझने की कोशिश करने लगता है कि तभी उसे उसकी यादें सपनो के रूप में अच्छे से दिखने लग जाती हैं।।।

आखिर क्या है अंश की असलियत क्या है उसके जन्म का रहस्य जानने के लिए पढते रहिए अंत ही आरंभ