Bandhan - 18 in Hindi Love Stories by Maya Hanchate httpstmeuUWEPTNoyAMZTRl books and stories PDF | बंधन (उलझे रिश्तों का) - भाग 18

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बंधन (उलझे रिश्तों का) - भाग 18

रीकैप



पिछले चैप्टर में आपने यह देखा कि शिवाय कांफ्रेंस के साथ बोलता है कि वह सिंगल है और वह सिंगल पैरंट है उसने आज तक अपनी लाइफ में किसी लड़की को आने नहीं दिया है ना आगे आने देगा उसकी लाइफ में सिर्फ उसके बच्चे और उसका परिवार ही इंपॉर्टेंट है। 
शिवाय की बात सुनकर सब लोग हैरान रह जाते हैं खासकर तरुण ,आरोही ,मल्होत्रा फैमिली और शर्मा फैमिली ।
शेखर जी का प्लान फ्लॉप हो जाता है कपाड़िया उसको इंसल्ट करने का । उन्हें करारा जवाब मिलता है।

अब आगे



सिद्धार्थ और राम जी की बात सुनकर अर्णव जी बोले कैसे रिएक्ट करने का मतलब क्या है मैं जानता हूं ।शिवाय ने हमसे बिना पूछे यह फैसला लिया है लेकिन अब क्या कर सकते हैं हम लोग जो होना तो हो गया है आगे आने वाले भविष्य को सुधारना ज्यादा जरूरी है। 
अर्णव जी की बात सुनकर वहां पर खड़े सभी लोग हमें सर हिलाते हैं। 
आरोही बोली पर हमें तो पता होना चाहिए कि उसने ऐसा क्यों किया है और एक्साइटेड होते हुए बोली मुझे उन दोनों बच्चों को भी देखना है मैं अब तक उन दोनों का चेहरा नहीं देखा है। 
रमन जी बोले इसमें  बड़ी बात क्या है कल सुबह सब लोग नाश्ते के लिए हमारे घर आ जाओ सब बच्चों को देख भी लेना। 
और शिवाय से अपने-अपने सवाल का जवाब भी ले लेना।
इतना बोल कर सब फूड एरिया की तरफ जाते हैं तो देखते हैं कि दोनों बच्चे सो गए हैं शिवाय ने दोनों को अपनी गोद में ले रखा है। 
इशिता जी जाकर शिवाय से पूछती है क्या हुआ बच्चे सो गए हैं क्या ।
शिवाय हां में सर हिलता है, और बोला आप लोग घर आराम से आ जाइए मैं बच्चों को लेकर चला जाता हूं वह इतना बोलकर प्रणय के साथ निकल जाता है।
उसने एक बार भी किसी से बात नहीं की नहीं किसी की तरफ देखा इस वक्त उसके दिल में बहुत बेचैनी हो रही  थी। इसलिए वह वहां से जल्दी से जल्द जाना चाहता था। 
कार्तिक और वनराज उसके एक्सप्रेशंस को देखकर समझ गए कि अभी उससे कुछ वक्त के लिए शांति चाहिए क्योंकि वह जब से आया है तब से एक पल के लिए भी शांति नहीं मिली है 

वनराज कार्तिक से बोला तू भी उसके साथ घर जा उसे संभाल लो आई थिंक उसे अभी तेरी जरूरत होगी, वनराज की बात मानकर कार्तिक भी शिवाय के पीछे-पीछे चल जाता है। 

अंकिता जी बोली  मुझे बच्चों को देखना था एक बार क्या शिवाय ने बिना दिखाई लेकर चला गया उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था। यह सब किसी छोटे बच्चों का खिलौना छीन लिया हो। 
खुशी जी बोली कोई बात नहीं बच्चे सो गए हैं ना कल सुबह मिल लेना।
अंकिता जी बोली आप सही कह रहे हैं कल सुबह आऊंगी बच्चों से मिलने। इतना बोलकर सब खाने लगते हैं।

पर आरोही का दिल बेचैन हो उठा ,उसे पता नहीं ऐसा लग रहा था कि जैसे उसकी सास भारी  हो रही थी। 
जब से आरोही ने दोनों बच्चों को देखा था उसके दिल में अलग से हलचल हो रही थी तो समझ नहीं आ रहा था कि ऐसा क्यों हो रहा है। लेकिन जब बच्चों से मिलने आई तो उसने शिवाय को बच्चों को ले जाते हुए देखा जिसे देखकर उसे ऐसा लग रहा था कि कोई उसे उसकी कीमती चीज छीन रहा हो।

दूसरी तरफ शिवाय कार में बैठा था शिवाय के बाजू में कार्तिक ड्राइवर के बाजू में प्रणय बैठा हुआ था जैसे कर चलने लगे वैसे ही पालकी दौड़ते हुए आई और बोली रुको भाई मुझे भी घर जाना है इतना बोलकर वह भी कार्तिक के बाजू बैठ गई। 
पालकी को यु कार्तिक  के बाजू बैठ देख कर‌ प्रणय को बुरा लगता है ।उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसे पालकी को कार्ति‌केय बाजू देखकर क्यों बुरा लग रहा है।
कार्तिक शिवाय से बात करना चाहता था पर पालकी के बैठ जाने की वजह से वह कुछ नहीं बोलता है। 
कार्तिक जब देखता है कि ,शिवाय दोनों बच्चों को एक साथ अपने गोद में लेकर बैठा है तो वह शिवाय से बोलता है यार मैं एक बच्चे को मुझे दे दे मैं संभाल लूंगा। 
शिवाय बिना एक  पाल गव्य बोल नहीं वे दोनों को संभाल लूंगा अब तक मैंने संभाला है और आगे भी मैं संभाल लूंगा। 
शिवाय यह बात इस तरह बोल रहा था जैसे कोई उसे उसके बच्चों से छीन लेगा।
इस वक्त शिवाय के चेहरे पर बेचैनी साफ दिखाई दे रही थी। 
प्रणय ने पहली बार शिवाय के चेहरे पर बेचैनी  देखी है।
जब से वह इंडिया आए हैं तब से प्रणय को पता चला कि उसके बॉस के अंदर इतने सारे इमोशन से वरना वह अमेरिका में हमेशा एक्सप्रेशन वैसे रहता है इस कोल्ड हार्टेड बनकर रहता है। 
उसके इमोशनल तभी दिखते थे,जब आर्य और सन्नवी के साथ हो।
पालकी भी शिवाय से कहती है कि एक बच्चे को उसे दे ,दे वह गोद में उठा लेगी पर शिवाय तो दोनों बच्चों को अपने आप से अलग करना ही नहीं चाहता था ।कितना बोलने के बाद भी शिवाय नहीं मानता तो बाकी सब लोग चुप हो जाते हैं। 
पार्टी हॉल में सभी लोग एक दूसरे गले मिलकर अपने-अपने कार में बैठ जाते हैं। 


शिवाय अब तक घर पहुंच गए था , कुछ देर बाद सभी लोग अपने कमरे में जाकर फ्रेश हो रहे थे शिवाय ने दोनों बच्चों को बेड पर अच्छे से सुला दिया और क्लोजेट में जाकर उनके कपड़े निकाल कर दोनों के कपड़े चेंज कर दिए और खुद  भी फ्रेश होकर चेंज कर कर बालकनी में बैठ जाता है। 
तभी कार्तिक भी आ जाता है। 
और शिवाय के साथ बैठता है उसके हाथ में अभी दो बियर के कैंस है उसने एक कैन शिवा की तरफ बढ़ा दिया शिवाय ने भी कान को ले लिया। 
आप सबको बता दो कि शिवाय को शराब पीने की आदत नहीं है ना ही कोई और चीजों की। 

उसे सिर्फ बियर के आदत है। 
कार्तिक बोला क्या हुआ तो इतना परेशान क्यों है। देख तुने सबको बता दिया है कि यह बच्चे कैसे आए हैं । तो अब  परेशान क्यों है। 
शिवाय बोला  जैसे तुम जानते हो ना इन दोनों की बायोलॉजिकल मदर कौन है फिर भी तुम यह सवाल पूछ रहे हो कि मैं इतना बेचैन क्यों हूं।

और दोनों बच्चों की आदतें और शक्ल बिल्कुल अपनी मां की तरह है डिट्टो कॉपी।
खासकर आर्य तो बिल्कुल उसी की तरह है उसका खाने का तरीका से लेकर कपड़े पहने तक यू तो सब लोग कहते हैं कि आर्य मुझ पर गया पर मैं जानता हूं कि आर्य बिल्कुल उसी की तरह है ।हां वह मेरी तरह रिजर्व्ड है पर उसकी तरह इमोशनल भी है। 
बस इस बात से डरता हो कि कहीं अगर सबको  सच पता चल गया तो क्या होगा ?

5 साल पहले जो मैंने अपनी इन सिक्योरिटी में किया था,  बिना सोचे समझे जो मैंने किया था, यह जाने बगैर की नतीज़ा कैसा होगा।


तू भी जानता है हमने 5 साल पहले क्या किया है डर लगता है उन दोनों को खोने से अगर उसे सच पता चल गया तो कहीं वह मुझसे मेरे बच्चे छीन ना ले या फिर उनसे नफरत ना कर बैठे। 

तू जानता है मैं इंडिया क्यों नहीं आया मैं नहीं चाहता था क्यों से कभी पता चले कि मेरे बच्चे हैं या किसी को भी घर वालों ने बच्चों को उस कंपेयर नहीं किया है ।
यह आप तक बच्चे और वह कभी एक दूसरे के सामने नहीं आए जिसकी वजह से किसी को शक नहीं हुआ है। अगर वह लोग एक साथ आ गए तो किसी न किसी को इस बात का शक हो ही जाएगा खासकर बड़े पापा और और दादी को। 

जो मेने 5 साल पहले किया है उसके लिए मैं आज भी गिल्टी नहीं हूं और ना ही कभी रहूंगा पर डर हमेशा रहता है कि कोई आ कर मुझसे मेरे बच्चे ना छीन ले। 
कार्तिक को अभी समझ नहीं आ रहा था कि वह शिवाय को क्या कह कर स्वां तना दे।


पिछले 5 साल से इस बात के लिए घुट रहा हूं।
अब जाकर मेरी लाइफ ट्रैक पर आई थी पर अचानक से मुझे इंडिया आना पड़ा फिर से मेरी लाइफ में डिस्टरबेंस आ गया है। 
मुझे जल्द से जल्द यहां से जाना होगा। 
शिवाय और कार्तिक इस बात से अनजान थे कि कोई है दरवाजे के पास जो उन दोनों की बातें सुन रहा था। 


क्या है 5 साल पहले का सच
कौन है शिव आर्य और सन्नवि की माँ।
जाने के लिए  पढ़िए अगला चैप्टर। 
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नई कहानी प्रोमो ।


यह कहानी है इंद्रजीत खन्ना और माया रान्ने की माया जो चुलबुली शांत और एनर्जी एक्टिव लड़की है वहीं दूसरी तरफ इंद्रजीत खडूस गुस्से सीईओ है। 
एक दिन दोनों क्लब में मिलते हैं माया बिना इंद्रजीत के परमिशन सिम से किस कर देती है जिसकी वजह से इंद्रजीत उसे सबक सिखाना चाहता है अब आगे जाने के लिए पढ़िए इश्क की लाइब्रेरी इस कहानी के अन्य किरदार भी है जिसकी लाइफ बहुत ही इंटरेस्टिंग है।(यह कहानी पॉकेट नवल पर पढ़ सकते हैं)