MTNL की घंटी - 5 kalpita द्वारा Drama में हिंदी पीडीएफ

MTNL ki ghanti by kalpita in Hindi Novels
नवंबर की हल्की ठंड...
और मीठी-सी धूप में...
आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी।

तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई......