सन्नाटे की गूँज माया की ज़िंदगी एक खाली कमरे की तरह थी—चुपचाप, उदास और अकेली। तीस साल की हो चुकी थी वह, लेकिन शादी का ख्याल उसके मन के किसी कोने में दफन हो चुका था। वह एक छोटे से सरकारी दफ्तर में क्लर्क थी, जहाँ उसका पूरा दिन पीली पड़ चुकी फाइलों को उलटने-पलटने और धूल झाड़ने में बीत जाता। ऑफिस के लोग उसे 'मशीन' कहते थे क्योंकि वह न किसी से हँसती थी, न कोई सहेली थी।
अधुरा वादा एक साया - एपिसोड 1
सन्नाटे की गूँजमाया की ज़िंदगी एक खाली कमरे की तरह थी—चुपचाप, उदास और अकेली। तीस साल की हो चुकी वह, लेकिन शादी का ख्याल उसके मन के किसी कोने में दफन हो चुका था। वह एक छोटे से सरकारी दफ्तर में क्लर्क थी, जहाँ उसका पूरा दिन पीली पड़ चुकी फाइलों को उलटने-पलटने और धूल झाड़ने में बीत जाता। ऑफिस के लोग उसे 'मशीन' कहते थे क्योंकि वह न किसी से हँसती थी, न कोई सहेली थी।शाम ढलते ही वह अपने उस पुराने फ्लैट की ओर चल देती, जो शहर के एक ऐसे कोने में था जहाँ वक्त जैसे ...Read More
अधुरा वादा एक साया - एपिसोड 2
खिड़की का सायास्मृतियों का कोहराअगली सुबह जब माया की आँख खुली, तो उसके कमरे में मोगरे की एक भीनी-भीनी फैली हुई थी। ताज्जुब की बात यह थी कि उसके कमरे में कोई फूल नहीं था। खिड़की खुली थी और रात की बारिश की कुछ बूंदें अभी भी कांच पर मोती की तरह चमक रही थीं। माया ने अपने सिरहाने रखी उस फटी हुई फोटो को दोबारा गौर से देखा। जैसे-जैसे वह फोटो को देखती, उसके सिर में एक मीठा सा दर्द उठता और धुंधली तस्वीरें उसकी आँखों के सामने नाचने लगतीं।उसने ऑफिस से इस्तीफा तो दे दिया था, लेकिन ...Read More
अधुरा वादा एक साया - एपिसोड 3
आईने की दूसरी तरफदीनू काका की मौत को एक हफ्ता बीत चुका था। पुलिस की फाइलों में केस बंद चुका था, लेकिन माया के जीवन में अशांति की एक नई लहर शुरू हो गई थी। वह मोगरे का फूल, जो उसे अपने बिस्तर पर मिला था, सूखने का नाम नहीं ले रहा था। सात दिन बीत जाने के बाद भी उसकी खुशबू वैसी ही ताज़ा थी, जैसे उसे अभी-अभी शाख से तोड़ा गया हो।माया ने महसूस किया कि अब उसकी अपनी आदतें बदलने लगी थीं। वह घंटों आईने के सामने बैठी रहती। एक रात, जब उसने अपनी आँखों में ...Read More
अधुरा वादा एक साया - एपिसोड 4
. अनचाहा अहसासविक्रम सिंह की मौत के बाद शहर में शांति तो हो गई थी, लेकिन माया के लिए शांति किसी आने वाले तूफान का संकेत थी। आर्यन की रूह को इंसाफ मिल चुका था, पर माया के कमरे में फैली वह मोगरे की खुशबू अब फीकी पड़ने की बजाय और भी तेज़ होने लगी थी।एक रात, जब माया गहरी नींद में थी, उसे महसूस हुआ कि उसके बेडरूम की खिड़की जोर-जोर से हिल रही है। जैसे ही उसने आँखें खोलीं, उसने देखा कि खिड़की के कांच पर भाप से एक धुंधला चेहरा बना हुआ है। वह आर्यन नहीं ...Read More