हरिसिंह हरीश की कविताएं व समीक्षा

(0)
  • 2.4k
  • 0
  • 714

मेरा खत न मिलने पर 1 हरिसिंह 'हरीश' : परिचय : 1 अगस्त, 1935 (दतिया म.प्र.) शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी) तक ग्वालियर जीवाजी विश्वविद्यालय से । मानद : विद्यावाचस्पति (पी-एच.डी.)सम्मान विद्या सागर (डी. लिट्) : 1994 में नव चेतना साहित्य एवं कला संस्थान, झांसी (उ.प्र.) द्वारा 'काव्य कलाधर' की उपाधि । : 1996 में भारतीय दलित साहित्य अकादमी, फर्रुखाबाद (उ.प्र.) द्वारा स्वामी अछूतानंद अति विशिष्ट सम्मान । : 1994 में कानपुर साहित्य सम्मेलन, कानपुर द्वारा सम्मान ।

1

हरिसिंह हरीश की कविताएं व समीक्षा - 1

हरिसिंह हरीश की कविताएं व समीक्षा मेरा खत न मिलने पर 1 हरिसिंह 'हरीश' : परिचय : 1 अगस्त, (दतिया म.प्र.) शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी) तक ग्वालियर जीवाजी विश्वविद्यालय से । मानद : विद्यावाचस्पति (पी-एच.डी.)सम्मान विद्या सागर (डी. लिट्) : 1994 में नव चेतना साहित्य एवं कला संस्थान, झांसी (उ.प्र.) द्वारा 'काव्य कलाधर' की उपाधि । : 1996 में भारतीय दलित साहित्य अकादमी, फर्रुखाबाद (उ.प्र.) द्वारा स्वामी अछूतानंद अति विशिष्ट सम्मान । : 1994 में कानपुर साहित्य सम्मेलन, कानपुर द्वारा सम्मान । अध्यक्ष: सर्व धर्म पार्टी, इकाई दतिया । अध्यक्ष: 'बातचीत मंच' दतिया । अध्यक्ष एवं संरक्षकः 'सिरमौर साहित्य ...Read More

2

हरिसिंह हरीश की कविताएं व समीक्षा - 2

हरिसिंह हरीश की कविताएं व समीक्षा मेरा खत न मिलने पर 2 हरि सिंह हरीश एक कर्मठ कवि थे। हैसियतों के भीतर लिखने वाले। अपने शब्दकोश के भीतर लिखने वाले और विषय के दायरे में भी लगभग सीमित रहने वाले। उनका मुख्य विषय था प्रेम और प्रेम। जब विषय रखेंगे तो प्रेमिका भी आएगी। प्रेमिका की याद भी आएगी। मिलन भी आएगा और मिलन के क्षणों की हरकतें भी याद आएंगे। प्रेमिका से उलझना भी याद आएगी। उनके द्वारा कविता और उपन्यास लिखने का काम पूजा की तरह किया जाता था। सुबह 6:00 बजे जाग जाते और लिखना शुरू ...Read More

3

हरिसिंह हरीश की कविताएं व समीक्षा - 3

हरिसिंह हरीश की कविताएं व समीक्षा मेरा खत न मिलने पर 3 हरि सिंह हरीश एक कर्मठ कवि थे। हैसियतों के भीतर लिखने वाले। अपने शब्दकोश के भीतर लिखने वाले और विषय के दायरे में भी लगभग सीमित रहने वाले। उनका मुख्य विषय था प्रेम और प्रेम। जब विषय रखेंगे तो प्रेमिका भी आएगी। प्रेमिका की याद भी आएगी। मिलन भी आएगा और मिलन के क्षणों की हरकतें भी याद आएंगे। प्रेमिका से उलझना भी याद आएगी। उनके द्वारा कविता और उपन्यास लिखने का काम पूजा की तरह किया जाता था। सुबह 6:00 बजे जाग जाते और लिखना शुरू ...Read More

4

हरिसिंह हरीश की कविताएं व समीक्षा - 4

हरिसिंह हरीश की कविताएं व समीक्षा मेरा खत न मिलने पर 4 हरि सिंह हरीश एक कर्मठ कवि थे। हैसियतों के भीतर लिखने वाले। अपने शब्दकोश के भीतर लिखने वाले और विषय के दायरे में भी लगभग सीमित रहने वाले। उनका मुख्य विषय था प्रेम और प्रेम। जब विषय रखेंगे तो प्रेमिका भी आएगी। प्रेमिका की याद भी आएगी। मिलन भी आएगा और मिलन के क्षणों की हरकतें भी याद आएंगे। प्रेमिका से उलझना भी याद आएगी। उनके द्वारा कविता और उपन्यास लिखने का काम पूजा की तरह किया जाता था। सुबह 6:00 बजे जाग जाते और लिखना शुरू ...Read More