#माँ -पापा
जब छोटे थे तो कोई भी *दुःख दर्द* होता था तो अपने *माँ-बाप* को बताते थे और वो हमें रास्ता दिखाते थे लेकिन क्यों आज हम इतना बड़ा हो गए है कि उनको बताने के बजाय हम खुद निर्णय लेते है और वो भी *"दुनिया छोड़ के चले जाने"* का । *माँ-बाप* ने तो कभी ये रास्ता हमारे लिए नही निकाला था फिर आज हम उनको कुछ क्यों नहीं बताते ।