*कोरोना के संदर्भ में एक कहानी*
आज के समाचार पत्रों में खबर है कि एक साथ 26 करोना पॉजिटिव पाए गए एवम संख्या बढ़कर 99 हो गई है।
इस संदर्भ में ओशो की एक कहानी याद आ रही है...... एक बड़े से खजूर के पेड़ पर एक आदमी चढ़ता है... खजूर तोड़ता है खजूर तोड़ने के बाद नीचे उतरने लगता है
पेड़ के पास में ही एक फकीर बैठा था पेड़ से उतरने वाला आदमी जमीन से जब 8 फीट दूर रह जाता है तब वह फकीर जोर-जोर से चिल्लाकर उसको बार बार आगाह करता है कि " देख भाई संभल के उतरना"
"देख भाई जमीन 7 फीट नीचे बची है।"
"हाथ मत छोड़ देना सावधान रहना।"
"गिर जाएगा तो चोट लग जाएगी हाथ पैर टूट जाएंगे।"
आदमी पेड़ से नीचे उतर जाता है और फिर फकीर से कहता है कि "वाह बाबा जी मैं बिल्कुल ऊपर था पेड़ की छलँगी पर था तब आपने एक बार भी नहीं कहा कि सावधान रहना और जब में इतनी नीची आ गया कि जमीन बिल्कुल पास में थी तब आप मुझे बार-बार चिल्ला कर बोल रहे थे , ऐसा क्यों??
*फकीर ने कहा कि "बेटा यही तो ध्यान देने वाली बात है ,जब तू ऊपर था खतरा ज्यादा था तो तू खुद बहुत सावधान था एतिहियात बरत रहा था परंतु जैसे-जैसे नीचे आने लगा तू लापरवाह हो गया , असावधान हो गया"*
*"बस यही से खतरा फिर बढ़ जाता है क्योंकि जब हम ऊपर होते हैं खतरे के पास होते हैं तो बहुत ज्यादा सावधान रहते हैं खुद पर पूरा भरोसा रखते हैं परंतु जैसे-जैसे खतरा कम होने लगता है हम असावधान हो जाते हैं ,भूल जाते हैं कि कोई जोखिम ,संकट या खतरा अभी भी बना हुआ है । याद रखना यहां से भी गिरेंगे तो मान कर चलिए कि आपको नुकसान जरूर होगा हाथ पैर में चोट लगेगी ही सही ।"*
कुछ ऐसा ही कोरोना को लेकर हो रहा है कोरोना अभी गया नहीं है परंतु हम सभी लापरवाह हो गए हैं । असावधान हो गए हैं। भूल गये कि महामारी /बीमारी अभी गई नहीं है ।सब चलता है ...कोरोना गया...अब कुछ नही होगा ऐसा मानकर चल रहे हैं । ध्यान रहे इस जरा सी लापरवाही हमें संकट में डाल सकती है ।
*अतः सावधान रहिए खतरा अभी टला नहीं है......*
याद रखिए 2 गज की दूरी मास्क हे जरूरी
जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं .