कोई भी काम एक दिन में नहीं सफल होता।
काम एक पेड़ की तरह होता है।
पहले उसकी आत्मा में एक बीज बोया जाता है,
हिम्मत की खाद से उसे पोषित किया जाता है,
और मेहनत के पानी से उसे सींचा जाता है,
तब जाकर सालों बाद वह फल देने के लायक़ होता..
ऐ-हुस्न-की-राजकुमारी ❣