एक अकेला सितारा,
और उसका अकेला चांद।
हमेशा के लिए शापित,
एक बेजान वरदान से।
सितारा बया करना चाहता था,
उसकी पीड़ा, उसका दुःख।
बूढ़ा चाँद डर गया था,
क्या वह कल जीएगा।
वे महसूस कर रहे हैं,
एक बंधन गहरा।
वे चिल्लाते हैं, वे रोते हैं,
लेकिन कोई आवाज नहीं।
फिर दिन आता है,
सूर्य चमकता है।
तारा और उसका चंद्रमा,
खो गए, आसमान के एक कोने में।