कुछ न कुछ तो होगा ही क्यों धबराना इतना
जो अभी शुरू नही किया उसके परिणाम से क्या डरना
जबतक चलना शुरू नही होगा तबतक कैसे
पता चलेगा कि मंजिल कितनी दूर है
कुछ करेंगे ही नही तो सीखने को कैसे मिलेगा
खड्डे में गिरोगे तभी तो ऊपर उठना सिखोगे न
गलतियां करोगे तो अच्छा अनुभव मिलेगा न
इसीलिए खाली बैठे बैठे सोचने के बजाए
कर्म करने लगो परिणाम के लिए ना सोचो
-Shree...Ripal Vyas