एक दिसम्बर का महीना है जो कुछ दिनों में ही सही... पर बीत जाता है।
एक तुम्हारी यादों का सिलसिला है कि दर्द कोई भी हो.. आकर और बढ़ा जाता है।।
👉एक को आने में पूरा साल लग जाता है।
और एक है जो हरपल आता-जाता है।
तुम्हीं कहो कैसे करूँ मैं तुलना...
-सनातनी_जितेंद्र मन