सायद ना मिल पाएँगे किसी राह पर कभी, तो इंतज़ार ना करना,
क्योंकि अब हमारे इस सफ़र का कोई किनारा नही होगा...
Raahi
मुड़कर ना देखे तो ये ना समझना कि भूल गए है हम,
क्योंकि वहाँ हम उस भँवर में होंगे जहा से निकलनेको किसी रेत का सहारा नही होगा...
- परमार रोहिणी " राही "