बड़ी मुश्किल है, खोया मेरा दिल है
कोई उसे ढूँढ के लाए ना
जाके कहाँ मैं रपट लिखाऊँ, कोई बतलाए ना
मैं रोऊँ या हंसूं
करूँ मैं क्या करूँ
दीवानगी की हद से, आगे गुज़र ना जाऊँ
आँखों मैं उसका चहरा, कैसे उसे दिखलाऊँ
वो है, सब से हसीं, वैसा, कोई भी नहीं
मेरे खुदा, उसकी अदा, है बड़ी कातिल
मुझे नहीं पता, छाया है क्या नशा
मैं रोऊँ या...
सपनों में आने वाली, बाहों में कब आएगी
इतने दिनों तक मुझको, ऐसे वो तड़पाएगी
देखूँ, मुड़ के जिधर, पाए, वो ही नज़र
मेरी डगर, मेरा सफ़र, वो मेरी मंज़िल
दीवाना है समां, जागे हैं अरमां
मैं रोऊँ या...
Movie/Album: अन्जाम (1993)
Music By: आनंद-मिलिंद
Lyrics By: समीर
Performed By: अभिजीत