Nice lines for Senior Citizens..
जीने की असली उम्र तो साठ है.
बुढ़ापे में ही असली ठाठ है,
ना बचपन का होमवर्क,
ना जवानी का संघर्ष,
ना 40 की परेशानियां,
बेफिक्रे दिन और सुहानी रात है,
जीने की असली उम्र तो साठ है,
बुढ़ापे में ही असली ठाठ है,
ना ऑफिस की किट किट,
ना ऑफिस में बॉस की फटकार
ना बस की लाइन,
ना ट्रैफिक का झमेला,
दिनभर खुली धूप,
दोस्तों यारों के साथ
जीने की असली उम्र तो साठ है,
बुढ़ापे में ही असली ठाठ है,
खुली हवा में हंसी के ठहाके,
बेफिक्र बातें,
किसी को कुछ भी कहने के लिए
आज़ाद हैं,
जीने की असली उम्र तो साठ है,
बुढ़ापे में ही असली ठाठ है।।
🌹🌹🌹