डिअर सिर्फ तुम,
तुम कितनी परफेक्ट हो।
जब तुम हस्ती हो ना,
बेहद अच्छी लगती हो।
तुम्हारी ये समुन्दर सी आँखे,
जिसमे दुब जाने का मन करता है।
तुम्हारी ये हवाह से जुलती जुस्फे,
जिसे सहलाने का मन करता है।
तुम्हातरी बाटे कितनी खास है,
जैसे कि कोयल की आवाज़ है।
जब तुजे देखु तो बस देखता रहता हूं,
जब तुम्हे सुनु तो बस सुनता रहता हूं।
मेरे ये अलफ़ाज़ बया न कर सकते , तुम कितने प्यारे लगते हो यार।
बस तुम हो परफेक्ट मेरे अंदाज में प्यार।