रिश्तो को निभाने के समय किसी के आगे इतना ना झुको,
की उस वक्त सहारे की जरूरत पड़े,
क्योंकि आपको झुका रहा है, वह आपको उठाने में कभी मदद नहीं करेगा,
और जो रिश्तो को झुकाने में विश्वास करते हैं, वह कभी किस रिश्तो को निभाने में विश्वास नहीं कर सकता ,
ऐसे रिश्तो को अपने हाल पर छोड़ देना ही समझदारी है।
✍️मनिष कुमार "मित्र" 🙏