मैं चार दीवारों से बाहर
तुम्हें मिलना चाहता हूं
तुम पूछोगे क्यूं?
तो वजह मुझे मालूम नहीं
और झूठ बोलना मुझे पसंद नहीं।
तुम पूछोगे कहां?
तो ऐसी कोई जगह मुझे पता नहीं
और भीड़ में मिलना मुझे पसंद नहीं।
तुम पुछोगे कब?
तो वक्त मेरी मुट्ठी में नहीं
और घड़ी में रुकना मुझे पसंद नहीं।
फिर भी मैं तुम्हे मिलना चाहता हूं
अभी, यहां और अकारण
हे ईश्वर,!!!
तुम मुझे मिलोगे????