कभी कभी में सोचता हूं कि
हम कल मरने वाले हैं फ़िर भी हम जिंदगी से कितना प्यार करते हैैं थोड़ी सी चोंट लगती है हमें तो हम डॉक्टर के पास चलें जातें हैं अपना इलाज कराने के लिए हमें सब मालूम है कि हम कल मरने वाले हैं, कभी हमारे हाथ पेर टूट जाते हैं तो अपना इलाज कराते हैं पंद्रह दिन महीने अस्पताल में रहते हैं, फ़िर भी हमें मालूम है कि हम कल मरने वाले हैं, यानी कि हम सब अपने शरीर को कोई कष्ट देना नहीं चाहते हैं ।।
अपने माथे पर एक सफेद बाल आता है तो भी हमें फिकर होने लगती है,हम खुद को ही सवाल करने बैठ जाते हैं,क्या में बुढ़ा हों गया हूं, हमें सब पता है कि में कल मरने वाला हूं फ़िर भी हम काले बाल कराते हैं जैसे कि हमारी जवानी वापस आ रही है उसी हिसाब से हम जिते है,हम खुद को भूल जाते हैं कि आगे मौत हमारा पीछा कर रही है, कभी कभी में सोचता हूं कि हम सब कितना प्यार करते हैं हमें मालूम है कि हम कल मरने वाले हैं ।।
क्योंकि ऐ हकीकत है हमारी हम मौत को नजरंदाज नहीं कर सकते हैं ।।
नरेन्द्र परमार "तन्हा "