हमको हमीसे चुरा लो
दिल में कहीं तुम छुपा लो
हम अकेले, खो न जाएँ
दूर तुमसे, हो न जाएँ
पास आओ गले से लगा लो
ये दिल धड़का दो, जुल्फें बिखरा दो
शर्मा के अपना आँचल लहरा दो
हम जुल्फें तो बिखरा दें, दिन में रात न हो जाए
हम आँचल तो लहरा दें, पर बरसात न हो जाए
होने दो बरसातें, करनी हैं कुछ बातें
पास आओ गले से लगा लो.
हमको हमीसे चुरा लो...
तुमपे मरते हैं, हम मर जायेंगे
ये सब कहते हैं, हम कर जायेंगे
चुटकी भर सिन्दूर से तुम अब ये मांग ज़रा भर दो
कल क्या हो किसने देखा सब कुछ आज अभी कर दो
हो न हो सब राज़ी, दिल राज़ी रब राज़ी
पास आओ गले से लगा लो
हमको हमीसे चुरा लो...
Movie/Album: मोहब्बतें (2000)
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, उदित नारायण