तू स्वर की देवी, ये संगीत तुझसे,
हर शब्द तेरा है, हर गीत तुझसे!
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ,
अज्ञानता से हमें तारदे माँ!
मुनियों ने समझी, गुनियों ने जानी,
वेदोंकी भाषा, पुराणों की बानी!
हम भी तो समझे, हम भी तो जाने,
विद्या का हमको अधिकार दे माँ
🙏🏻वसंत पंचमी की शुभकामनाएं🙏🏻
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