राष्ट्र रक्षा समं पुण्यं,
राष्ट्र रक्षा समं व्रतम्,
राष्ट्र रक्षा समं यज्ञो,
दृष्टो नैव च नैव च।।
अर्थ :- राष्ट्र रक्षा के समान कोई पुण्य नही, राष्ट्र रक्षा के समान कोई व्रत नही, राष्ट्र रक्षा के समान कोई यज्ञ नही है।
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाये!
स्वस्थ रहिए और देश हित में लगे रहिए!!!
राष्ट्र निर्माण ही सबसे बड़ा निर्माण है!
!जय हिंद!
!वन्देमातरम!
@INDIANAARMY