इतरा के यू चल देना तेरा
फिर मुड़कर यूं देखना तेरा
फिर नजर झुका कर युहि सहज जाना तेरा
फिर दूर से यूं घूर ना तेरा...
कम बोलना पर हर बात पर घ्यान रहता है....
मैं यह जानती हूं कि वह क्या है ।
पर फिर भी अनजान सी रहती हूं....
आंखों में देख कर सब समझ जाना तेरा
सबसे रूठ कर भी मुझ संग मुस्कुराना तेरा...
- बिंदु अनुराग