आज काफी वक्त बाद अकेला निकला हूँ,
किसी और को देखने नही खुद को पहचानने के लिए निकला हूँ,
किसी ओर से मिलने नहीं सुकूँ ढूंढने निकला हूँ,
किसी का हमदर्द बनने नहीं खुद का दर्द मिटाने के लिए निकला हूँ,
काफ़ी वक़्त बर्बाद करने के बाद वक़्त की एहमियत जानने निकला हूँ।