जा.... भर ले उड़ान
किसने रोका है तुम्हे....
तेरी खोज ही तेरा जनुन होगा
किसने रोका है तुम्हे.....
तेरा विश्वास ही तेरा उत्साह है
किसने रोका है तुम्हे....
हाथ फैला के समेट ले आकाश
किसने रोका है तुम्हे....
रास्ता तेरे सामने है चल पड
किसने रोका है तुम्हे....
तेरे मन की हर ख्वाइश पूरी कर
किसने रोका है तुम्हे....
तेरे में पड़ी अच्छी सोच बता दें सबको
किसने रोका है तुम्हे....
तेरे में रही अच्छी इंसानियत दिखा दे
किसने रोका है तुम्हे....
बस....एक बार कर ले हिम्मत ...निकाल अपने डर को बाहर.... फिर देख कैसे
छलांग लगाता अपनी मन की....