" पल्लु सरक गया तो क्या होगा " 😉😉😎😎
" निर्मला ! ये क्या किया तूने एक परकटी को पसँद कर लिया लल्ला के लिए । एक बार हमसे बात भी नहीं की बताया भी ना । खैर अब क्या कर सकते हैं अब तो शादी भी हो गई अब हो गया सो हो गया ।
" पर देखो बहू ! अब तुम अपने बाल कभी मत कटवाना और हां पल्लू तो अब किसी भी कीमत पर सिर से नहीं गिरना चाहिए । किसी ने देख लिया तो बहुत जग हँसाई होगी हमारी समझी ।" ददिया सास बोली । ,,,,शायद ,,,
अब जाके समझ आया हमें परकटी का मतलब । हमारे बाल कटे हुए हैं ना कंधे तक । अब तो हर वक्त कोई ना कोई हमारी निगरानी में तैनात रहता जैसे सीमा पर सिपाही तैनात रहते हैं । दुश्मन की हर आहट पर चौकन्ने । वैसे ही हमारे आस पास एक पूरी ब्रिगेड तैयार हो गई कि कहीं गलती से हमारा पल्लू सर से ना सरक जाए । और बाकी लोगों को हमारे कटे हुए बाल दिख न जाए । सच बताएं ऐसा लग रहा था कि कील ही ठुकवा लें अपने सिर में या फिर फेवीक्विक से ही चिपका ले । इतना करने के बावजूद भी ना ये मुंआ पल्लु खिसक ही जाता था । और न जाने कितनी जोड़ी आंखें हम पर गोलियां बरसाने लग जातीं ।
ये पल्लु भी ना बिनमौसम बरसात जैसा था कभी भी गिर जाता । पल्लू के चक्कर में कभी चाय की ट्रे कभी खाने की थाली गिरा देते । फिर एक साथ कई आवाजें आतीं , " हाय हाय कैसी बहू आ गई इससे तो कोई काम ठीक से ना होय । अरी ! निर्मला तेरे तो भाग ही फूट गए अब सारी ज़िन्दगी इसको सिखाती ही रह । " हमारी सास किसी से कुछ न कहती ।
कमरे में हम इस नालायक पल्लू को समझाते रहे और पहले तो दो-चार रेपटे लगाए फिर उसको प्यार से समझाया कि भाई किस जन्म का बदला निकाल रहा तू हमसे । क्यों हमारी शोभायात्रा निकाल रहा है सबके सामने । इतना ही नहीं गाना भी गया , अरे वही ,,,वो 7 दिन ,,वाला अनिल कपूर का ।
" मेरे दिल से दिल्लगी लगी ना कर ,
ये भड़क गया तो क्या होगा "
तो हमारा गाना सुन उसने भी सुर में सुर मिलाया ।
" मत छेड़ तो हम दीवानों को
मैं सरक गया तो क्या होगा "
तभी बाहर से जोर जोर से हँसने की आवाज में आई ,पलट कर देखा तो खिड़की पर मेरी वाली सासूमाँ और सबसे छोटी सासू माँ यानी की चाची सास खड़ीं थीं और बड़े मज़े से हमारे मज़े ले रही थीं । और हमको ,,,,हमको तो बस काटो तो खून नहीं ।
दोनों हँसते हुए कमरे में आईं और एक सुर उन्होंने भी लगा दिया , " तेरा पल्लु रे ,,, रे आए हाय तेरा पल्लु रे ,,,चैन लेने ना देगा बहुरिया तुमको ,,, रे आए हाये तेरा पल्लु रे ।""""
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अनामिका प्रवीन शर्मा
मुम्बई