हे नवयुग के नवदीप ,
उज्जवलित कर दो हर प्राणी में स्नेह के दीप ।
हे आदित्य , अपनी ताप से ,
प्राणी मात्र को दीप्तिमान् करो कनक विभा की दीप्ती ।
हे प्रभाकर , हे हमारे प्राणनाथ
अपने प्रकाश से वीर्य हो अमृतत्व के बीज ।।
आप सब को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं