My New Poem....!!!!
मेरी फितरत समझने के लिए
बस इतना जान लो
जो शख्स
एक बार मेरी नजर से
उतर गया,
फिर मुझे
फर्क नहीं पड़ता
कि ,,
वह किधर गया....!!
चाहे फिर इस जहाँ में
रहा या
इस जहाँ से भी गुज़र गया..??
अलग बात है कि दिल तलब करे
खबर उनकी
जिस जहाँ में भी रहे खेरियत
चाहे उनकी..!!!
चेहरा तो बयानबाज़ी करे नफ़रत
ही सिफँ उनकी
पर दिल नादान ना समजे ज़बान
नफ़रतों की
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