ऐसें ही रख दु सर आपना,
गोद मे 'तेरी सुकून की निंद आ जाये कही किसीं रोज,
हो बहोत सारी बाते तुजसे,
बंद करके ये आंखे, कुछ लमहें युही कही किसीं रोज,
देख लु जी भरके फिर शायद जिंदगी ये हसीन मुलाकात दे न दे,
लगाकर सिने से तुझे समेट लु उम्र भर के लिये, हो इजाजत 'तेरी कही किसीं रोज✒