ये जो कुल्फी खाते हुए
एक हथेली कुल्फी के नीचे लगाये रहते हो ना
इसे ही गीता में श्रीकृष्ण ने “मोह” बताया है.
😂😂😜😜😜
और कुल्फी खतम होने के बाद भी जो डण्डी चाटते ही रहते हैं
इसे ही गीता में श्रीकृष्ण ने “लोभ” कहा है
🙏😀🙏
और डण्डी फेंकने के बाद , सामने वाले की कुल्फी देखकर सोचना कि उसकी खत्म क्यों नहीं हुई,
इसे गीता मे “ईर्ष्या” कहा गया है, ☺☺
और कुल्फी खतम होने से पहले डन्डी से नीचे गिर जाये और केवल डण्डी हाथ मे रह जाये तब तुम्हारे मन में जो आता है…. 😁 इसे ही गीता मे “क्रोध” कहा है 😳