कभी मेरी नज़र से देख खुद को आईने में,
देख कर सुरत अपनी तू खुद ही शर्मा जाएगा,
कभी ले नाम अपना, मैं बनकर, तुझे अपने नाम से प्यार हो जाएगा,
थोड़ी सी तो खोल खिड़की मन की, पता भी ना चलेगा और तुझे ईश्क़ हो जाएगा,
संभाल ले अपने दिल को
जज्बात का दरिया एक दिन तेरी झिझक बहा के ले जाएगा