*प्रातः वंदन* 🙏🏽
*प्रसन्न व्यक्ति वह है जो निरंतर*
*स्वयं का मूल्यांकन एवं सुधार करता है,*
*जबकि दुःखी व्यक्ति वह है जो*
*दूसरों का मूल्यांकन करता रहता है,*
*जहाँ से अपेक्षाएं*
*खत्म होती है,*
*सुकून वही से*
*शुरू होता है!!!*
*पराजय तब नहीं होती जब आप*
*गिर जाते हैं पराजय तब होती है*
*जब आप उठने से इनकार कर देते है*
*ध्यान मत दो कि कौन क्या*
*कहता है,बस वो करो जो*
*अच्छा है और सच्चा है।*
Good morning
Jay shree krishna🙏🏻💐