तूफानों के डर से नाहक परेशान हो।
जितनी धूल उसमे होती है उतनी तो
फकीरी की जूती में हुआ करती है
मौत के डर से नाहक परेशान हो।
जिंदा कहा की मर जाएंगे।
हवा खिलाफ है तो परेशान क्यू हो।
हम तो कही बार जले और बुजे है।
संसार हमारे खिलाफ है तो परेशान क्यू हो।
ईश्वर तो तेरे साथ है।
माना की संसार बुरा है।
हम तो अच्छे बने।
परेशान क्यू हो पैदा वो बात कर
की तुझे रोये दूसरे हम क्यों रोये।