?खुद के पास दूसरों को रखना है
?या दूसरों के पास खुद रहना है दूर नहीं जाना तो उसका कारण ढुंढना चाहिए
?क्या करु की कोई दुर न जाए ?
?क्या कीया जाए की दुर जाने का मन न करे ?
?कोई हमसे दुर चला जाता है तो क्यु गया कारण पता लगाना चाहिए |
? हमको दुर जाने का मन करे तब भी सवाल उठना चाहिए क्यु दुर होना है ? क्या ऐसा किया की साथ पसंद नहीं ? क्या मारते - पीटते है(रोज की कभी कभी) ? गाली गलोच कर रहे (रोज की कभी कभी) ?क्या खाना न दे रहे (रोज की कभी कभी) ? क्या हर बात पर रोक टोक लगाते(रोज की कभी कभी) ?क्या बात बात पर बत्तमीझी करते है(रोज की कभी कभी) ?क्या चोबीसो धंटे नजर गडाए रखते है, क्या मांगने पर पैसे न देते(रोज की कभी कभी) ?करता मदद न करते (कभी भी नहीं की कभी कभी करते ) ?
आदी सवाल जो दोनों पर मतलब की जो दुर जानी की सोचे और जो पास न रख सके उसके लिए है |
उपर के हर सवाल का जवाब कहुं तो यातो मांग गलत होती है या कुछ ज्यादा ही कुर्बान हो जाए तब भी दुर जाने का या पास न रेहने का मन करता है |
? " मांग गलत होने पर न मीले तो दुर जाने का सोचा जाता है और बीना देखें सोचे समझे मांग पुरी करते रहे तो भी दुरी बन जाती है | तो सब का प्रमाण होना चाहिए न कम न ज्यादा तो रीश्ता टीके | "...ॐD