Hindi Quote in Poem by Skp divine

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

# **भ्रष्टाचार का अंधेरा**

**"जब ईमान बिकने लगे,
तो इंसान नहीं, समाज हारने लगता है।"**

हर गली में एक सवाल खड़ा है,
सच आखिर क्यों इतना बड़ा है?

क्यों बिकते हैं सपने पैसों के मोल,
क्यों झुक जाता है ईमान हर दौर?

किसान की मेहनत कागज़ों में खो जाती है,
माँ की उम्मीद दफ़्तरों में सो जाती है।
बच्चों की छात्रवृत्ति रास्ते में रुक जाती है,
गरीब की हर आवाज़ कहीं दब जाती है।

रिश्वत की मेज़ पर न्याय बिकता है,
सच बोलने वाला अक्सर ही झुकता है।
लेकिन इतिहास गवाह है हर युग में,
अंधेरा कभी सूरज को रोक नहीं सकता।

याद करो उन वीरों का बलिदान,
जिन्होंने हँसकर दे दी अपनी जान।
क्या यही भारत उनका सपना था?
जहाँ ईमान भी कीमत पर तौला जाता था?

सीमा पर सैनिक आज भी खड़े हैं,
किसान खेतों में पसीना बहा रहे हैं।
शिक्षक भविष्य का दीप जला रहे हैं,
मज़दूर अपने हाथों से देश बना रहे हैं।

और कहीं दूर जंगलों के बीच,
आदिवासी अब भी इंतज़ार में हैं।
उनकी पीड़ा, उनकी संस्कृति,
कब आएगी हमारी पहचान में?

आओ बदलें यह सोच पुरानी,
न बिके ईमान, न बिके कहानी।
न रिश्वत देंगे, न रिश्वत लेंगे,
सच और न्याय की राह चुनेंगे।

पुरस्कार उसी को मिलना चाहिए,
जो समाज का दीप जलाता है।
जो अपने कर्म से राष्ट्र बनाता है,
जो हर आँसू को मुस्कान दिलाता है।

भारत केवल नक्शे का नाम नहीं,
यह करोड़ों लोगों का विश्वास है।
यदि हम ईमानदारी को अपना लें,
तो यही सबसे बड़ा विकास है।

आओ मिलकर शपथ उठाएँ—

**न झुकेंगे, न बिकेंगे,
सत्य की राह पर ही चलेंगे।
भ्रष्टाचार का अंत करेंगे,
ईमानदार भारत का निर्माण करेंगे।**

**क्योंकि...**

**"जब नागरिक जागता है,
तभी राष्ट्र सच में आगे बढ़ता है।"**

Hindi Poem by Skp divine : 112031709
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now