"महादेव"
जिनकी जटाओं से बहती है गंगा की धार,
जिनके माथे पे सजा है चाँद अपार।
डमरू की धुन में बसता है सारा संसार,
वो हैं मेरे भोले, मेरे शिव शंकर दातार।
राख लपेटे, आँखों में गहरा सुकून,
क्रोध में प्रलय, प्रेम में जैसे सुकून।
जो माँगो वो दे दें, बस दिल हो सच्चा,
महादेव के दर पे कोई नहीं है कच्चा।
हर हर महादेव की गूँज जहाँ में रहे,
उनकी कृपा से हर मुश्किल आसान रहे।
जब भी लगे दुनिया से हार गए हम,
भोले का नाम लो — और पार गए हम।
- kajal jha