कलयुग में कहा जाता है कि राक्षस बाहर नहीं होंगे,
वे इंसान के भीतर जन्म लेंगे।
मन में बैठा राक्षस ही सबसे बड़ा शत्रु होगा,
वही अधर्म बनेगा, वही अत्याचार करेगा।
और युद्ध भी होगा…
पर तलवारों से नहीं,
सच्चे लोगों के चरित्र से।
जो भगवान की भक्ति करेंगे,
सत्य के रास्ते चलेंगे,
उन्हीं को सबसे पहले निशाना बनाया जाएगा।
क्योंकि
कलयुग में बुराई की पहचान चेहरे से नहीं,
सोच से होती है।
- archana