दिल से तुझको बेदिली है
मुझको है दिल का गुरुर
तू ये माने या ना मान
लोग मानेंगे जरूर
ये मेरा दीवानापन है
या मोहब्बत का सुरूर
तू ना पहचाने तो है ये
तेरी नज़रों का कुसूर
ये मेरा दीवानापन...
दिल को तेरी ही तमन्ना
दिल को है तुझसे ही प्या
चाहे तू आये ना आये
हम करेंगे इंतज़ार
ये मेरा दीवानापन...
ऐसे वीराने में एक दिन
घुट के मर जायेंगे हम
जितना जी चाहे पुकारो
फिर नहीं आएंगे हम
ये मेरा दीवानापन...
🙏🏻
- Umakant