दो दिलो को ये दुनिया, मिलने ही नहीं देती
दो दिलो को ये दुनिया, मिलने ही नहीं देती
आशाओं की कलियों को,खिलने ही नहीं देती
आशाओं की कलियों को, खिलने ही नहीं देती
मैंने बाग़ में क्या देखा
मैंने बाग में क्या देखा, बुलबुल वहां रोता था
मैंने बाग में क्या देखा, बुलबुल वहां रोता था
और पास खड़ा माली, कुछ हार पिरोता था
और पास खड़ा माली, कुछ हार पिरोता था
दिल चीर के इक फूल का
दिल चिर के इक फूल का, ख़ुश कितना वो होता था
बुलबुल था तड़प जाता जब सुई चुभता था
दुख सह न सका बुलबुल, दुख सह ना सका बुलबुल
कुछ कह ना सका बुलबुल, कुछ कह ना सका बुलबुल
फिर बहने लगे आंसू और कहने लगे आंसू, क्या…
दो दिलो को ये दुनिया, मिलने ही नहीं देती
दो दिलो को ये दुनिया, मिलने ही नहीं देती
आशाओं की कलियों को, खिलने ही नहीं देती
आशाओं की कलियों को, खिलने ही नहीं देती
तुम मुझसे ये पूछो गे
तुम मुझसे ये पूछो गे, क्या फूल की हालत थी
तुम मुझसे ये पूछो गे, क्या फूल की हालत थी
रूठा हुआ माली था, बिगडी हुई किस्मत थी
रूठा हुआ माली था, बिगडी हुई किस्मत थी
आँखो में तो आँसू थे
आँखों में तो आँसू थे, बेचैन तबियत थी
सुनसान था दिल उसका, बरबाद मुहब्बत थी
बुलबुल से जुदा हो कर, बुलबुल से जुदा हो कर
माली से ख़फ़ा हो कर, माली से ख़फ़ा हो कर
कांटो में लगा रहने और फूल लगा कहने, क्या…
दो दिलो को ये दुनिया, मिलने ही नहीं देती
दो दिलो को ये दुनिया, मिलने ही नहीं देती
आशाओं की कलियों को, खिलने ही नहीं देती
आशाओं की कलियों को, खिलने ही नहीं देती
💕
- Umakant