मुझे याद है,
तेरी आंखों में,
आंसुओं के बजाय सपने झिलमिलाया करते थे।
वो सपने आज कहा खो गाए ?
तेरी आंखों में अब
आंसू क्यों उतर आए हैं।
तूने अपने सपनों को
पीछे क्यों छोड़ दिया
तू तो जिंदगी को
जीने से कभी डरती नहीं थी.....
फिर आज
तेरी आंखों से
आंसू क्यों झरने लगे हैं।