एक साल की शादी, उम्र भर का फैसला
सियोल की ऊँची ऊंची इमारतें हमेशा से ही ली जू-हान को छोटी लगती थीं।
जब वह जिस मंज़िल पर खड़ा होता, तो वहाँ से नीचे की पूरी दुनिया किसी मैप की तरह दिखती—साफ़, नियंत्रित, सीमाओं में बँधी हुई।
और यही सब उसे बहुत उसे पसंद था।
तीस साल की उम्र में जिनसंग ग्रुप का CEO बनना कोई इत्तेफ़ाक़ नहीं था।
यह सालों की मेहनत, अनुशासन और भावनाओं से दूरी का नतीजा था।
जू-हान ने बहुत पहले तय कर लिया था—
की ज़िंदगी में अगर कुछ भरोसेमंद है, तो वह है कंट्रोल।
उस दिन से भी वह कंट्रोल में था…
जब तक उसने अपनी माँ की वसीयत नहीं पढ़ी।
“अगर जू-हान 30 साल की उम्र तक शादी नहीं करता,
तो जिनसंग ग्रुप का 40% हिस्सा ट्रस्ट में चला जाएगा।”
काग़ज़ उसके हाथ में था,
लेकिन दिल में पहली बार घबराहट थी।की
शादी।
एक ऐसा शब्द, जिससे उसने हमेशा दूरी बनाई थी।
प्यार उसके लिए मानो समय की बर्बादी था—ऐसा उसे लगता था
और भरोसा एक महँगी भूल।
उसके अतीत ने उसे यह सिखाया था।
🌿 दूसरी दुनिया
उसी सियोल शहर में,
लेकिन बिल्कुल अलग दुनिया में रहती थी ओह मिन-सियो।
एक छोटा-सा बुक-कैफ़े।
लकड़ी की पुरानी अलमारियाँ।
कॉफी और किताबों की मिली-जुली खुशबू।
यही उसकी दुनिया थी।
मिन-सियो को किताबें पसंद थीं क्योंकि वे झूठ नहीं बोलतीं।
किरदार धोखा दें भी,
तो लेखक पहले ही चेतावनी दे देता है।
असल ज़िंदगी ऐसा नहीं करती।
उसके पिता का कर्ज़
हर महीने भारी होता जा रहा था।
कैफ़े मुश्किल से चल रहा था।
और उसका सपना—
अपना पब्लिशिंग हाउस खोलने का—
हर दिन थोड़ा और दूर होता जा रहा था।
फिर एक दिन
एक अनजान नंबर से कॉल आया।
“ओह मिन-सियो?
आपको एक कानूनी मीटिंग के लिए बुलाया गया है।”
वह समझ नहीं पाई।
लेकिन गई।
📄 सौदा
मीटिंग रूम में
एसी की ठंडक थी,
और सामने बैठा था
ली जू-हान।
उसकी आँखों में भाव नहीं थे।
सिर्फ़ फ़ैसले थे।
“मुझे एक पत्नी चाहिए,”
उसने बिना भूमिका के कहा।
“एक साल के लिए।”
मिन-सियो को लगा
वह कोई मज़ाक सुन रही है।
“आपको लगता है मैं बिकाऊ हूँ?”
उसने सीधा सवाल किया।
जू-हान ने शांत स्वर में कहा—
“मुझे लगता है आप समझदार हैं।
और आपको पैसों की ज़रूरत है।”
काग़ज़ सामने रखे गए।
शर्तें साफ़ थीं—
एक साल की कानूनी शादी
मीडिया और परिवार के सामने परफेक्ट कपल
निजी ज़िंदगी में दख़ल नहीं
एक मोटी रकम
एक साल बाद बिना किसी भावनात्मक दावे के तलाक़
मिन-सियो देर तक काग़ज़ देखती रही।
“अगर प्यार हो गया तो?”
उसने पूछा।
जू-हान बोला—
“तब यह गलती होगी।”
कुछ पल बाद
उसने साइन कर दिए।
क्योंकि मजबूरी
अक्सर नैतिकता से ज़्यादा भारी होती है।
💍 एक दिखावटी शादी
शादी की तस्वीरें
अगले दिन हर न्यूज़ चैनल पर थीं।
“CEO की सीक्रेट वाइफ़!”
“कौन है ओह मिन-सियो?”
असल ज़िंदगी में
वह शादी किसी बिज़नेस डील से ज़्यादा नहीं थी।
अलग कमरे।
अलग रूटीन।
जू-हान सुबह जल्दी निकल जाता।
मिन-सियो कैफ़े जाती।
वे एक-दूसरे को
कम बोलते,
लेकिन देखना सीखने लगे।
जू-हान ने नोटिस किया
कि मिन-सियो किताबों के पन्नों पर
उँगलियाँ फेरते हुए पढ़ती है।
मिन-सियो ने देखा
कि जू-हान कभी आराम नहीं करता।
धीरे-धीरे
अजनबियत आदत में बदलने लगी।
🔥 नज़दीकियाँ
एक रात
जू-हान देर से लौटा।
मिन-सियो ने बिना पूछे
खाना गरम कर दिया।
“क्यों?”
उसने पूछा।
“क्योंकि आप भूखे लग रहे थे,”
उसने सहजता से कहा।
उस पल
जू-हान को अजीब-सा लगा।
किसी ने उसकी ज़रूरत
बिना कहे समझी थी।
वहीं से
कुछ बदलने लगा।
वे साथ बैठने लगे।
चुपचाप।
और कभी-कभी
बातें भी।
💔 टकराव
हाई-सोसाइटी ने
मिन-सियो को स्वीकार नहीं किया।
“यह शादी अस्थायी है,”
लोग कहते।
जू-हान चुप रहता।
और यही चुप्पी
मिन-सियो को तोड़ने लगी।
एक रात
उसने कहा—
“मैं आपकी कमजोरी नहीं बनना चाहती।”
जू-हान पहली बार डरा।
“और अगर तुम चली गईं?”
उसने पूछा।
“तो आप जीत जाएँगे,”
मिन-सियो बोली।
“और मैं खुद को खो दूँगी।”
✉️ टूटता सौदा
छह महीने बाद
मिन-सियो ने तलाक़ के काग़ज़ रख दिए।
“मैं अकेले प्यार नहीं कर सकती,”
उसने कहा।
जू-हान ने
काग़ज़ फाड़ दिए।
“मैंने ज़िंदगी में पहली बार
किसी चीज़ पर कंट्रोल खोया है,”
उसने कहा।
“और वही मुझे सबसे सच्चा लगा।”
🌸 फैसला
एक साल पूरा हुआ।
पूरी दुनिया तलाक़ का इंतज़ार कर रही थी।
लेकिन प्रेस कॉन्फ़्रेंस में
जू-हान ने कहा—
“यह शादी कॉन्ट्रैक्ट से शुरू हुई थी,
लेकिन अब यह मेरी पसंद है।”
मिन-सियो ने
अपना पब्लिशिंग हाउस खोला।
अपने नाम से।
अपने सपने से।
✨ अंत
उन्होंने हर साल
शादी को दोबारा चुना।
बिना शर्त।
बिना डर।
काग़ज़ से शुरू हुआ रिश्ता
दिल पर खत्म हुआ।
— समाप्त — ❤️